Saturday, January 31

इंदौर में दूषित पानी से 31वीं मौत, राहुल गांधी ने अस्पताल जाकर लिया हालचाल

इंदौर: भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित और जहरीले पानी से फैल रही गंभीर बीमारी ने एक और जान ले ली। शुक्रवार को 72 वर्षीय एकनाथ सूर्यवंशी की मौत हो गई, जिससे इस मामला में अब तक कुल 31 लोगों की जान जा चुकी है।

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जानकारी के अनुसार, एकनाथ सूर्यवंशी वही मरीज थे जिनके परिजन से कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 17 जनवरी को बॉम्बे हॉस्पिटल में मुलाकात कर हालचाल पूछा था।

बीमारी और इलाज की जानकारी
एकनाथ सूर्यवंशी को उल्टी, दस्त और कमजोरी की शिकायत के बाद 29 दिसंबर 2025 को शैल्बी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। शुरुआती इलाज के बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ, जिसके बाद उन्हें 3 जनवरी 2026 को बॉम्बे हॉस्पिटल रेफर किया गया। वहां 4 जनवरी को स्थिति गंभीर होने पर उन्हें वेंटिलेटर पर शिफ्ट करना पड़ा। करीब 30 दिनों तक चले इलाज में वे 25 दिन से अधिक समय तक वेंटिलेटर सपोर्ट पर रहे।

गुरुवार शाम परिजन की सहमति से उन्हें डिस्चार्ज कराकर घर ले जाया गया, लेकिन घर पहुंचने के कुछ समय बाद ही उनकी मौत हो गई। डॉक्टरों के अनुसार उनकी दोनों किडनियां फेल हो चुकी थीं, लिवर गंभीर रूप से खराब था और बीमारी का असर हार्ट और ब्रेन तक फैल गया था। चिकित्सकों ने बताया कि अधिकांश मरीजों में मल्टी ऑर्गन फेल्योर की स्थिति देखी गई।

व्यक्तिगत जीवन
एकनाथ सूर्यवंशी जल संसाधन विभाग में वर्ष 1983 से दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी के रूप में कार्यरत रहे। कई वर्षों बाद उन्हें स्थायी किया गया, लेकिन वेतन लगभग 18 हजार रुपए ही था। पेंशन और अन्य सेवा लाभ न मिलने को लेकर उनका मामला वर्तमान में हाईकोर्ट में विचाराधीन था। परिवार में उनकी 63 वर्षीय पत्नी शकुंतला हैं, जो स्वयं हार्ट पेशेंट हैं।

दूषित पानी की और मौतें और हालात
भागीरथपुरा में 21 जनवरी को 51 वर्षीय हेमंत गायकवाड़ की भी दूषित पानी से हुई बीमारी के चलते मौत हो चुकी है। उनकी पत्नी की हालत भी चिंताजनक है और उन्हें किडनी संबंधी समस्या के चलते ICU में भर्ती कराया गया है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अब तक इस मामले में 450 से अधिक मरीजों को इलाज के बाद डिस्चार्ज किया जा चुका है। फिलहाल चार मरीज अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें से तीन बॉम्बे हॉस्पिटल के ICU में और एक अरविंदो हॉस्पिटल में इलाजरत है।

यह मामला इंदौर में जल सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाता है।

 

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