
नई दिल्ली: भारतीय रेलवे का सफर सुविधाजनक होते हुए भी कभी-कभी अप्रत्याशित हो सकता है। कई बार ट्रेन की देरी, कनेक्टिंग ट्रेन छूट जाना या चार्टिंग में तकनीकी खराबी जैसी समस्याएँ यात्रियों को न केवल असुविधा देती हैं, बल्कि आर्थिक नुकसान भी पहुंचा सकती हैं। हालांकि कम लोग जानते हैं कि ऐसी परिस्थितियों में भी आप अपनी टिकट का पूरा पैसा IRCTC के TDR सिस्टम के जरिए वापस पा सकते हैं।
TDR क्या है?
TDR (Ticket Deposit Receipt) एक डिजिटल सिस्टम है, जो यात्रियों को रेलवे की वजह से हुई असुविधा या देरी के मामले में रिफंड क्लेम करने का मौका देता है। यानी अगर ट्रेन छूट गई, चार्ट तैयार नहीं हुआ, या आपकी यात्रा रेलवे की वजह से प्रभावित हुई, तो TDR के जरिए आप अपना पैसा वापिस मांग सकते हैं।
कब मिलेगा रिफंड?
अगर आपकी ट्रेन तय समय से 3 घंटे या उससे ज्यादा लेट है।
अगर ट्रेन की देरी के कारण आपकी अगली कनेक्टिंग ट्रेन छूट जाती है।
अगर चार्ट नहीं बना, एसी कोच में एसी का काम न करना, या कोच की कैटेगरी बदल देना जैसी तकनीकी समस्याएँ हुई हों।
कैसे करें रिफंड क्लेम:
- IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
- My Transactions में जाकर File TDR का ऑप्शन चुनें।
- आपकी उन यात्राओं की लिस्ट दिखाई देगी, जिनके लिए रिफंड लिया जा सकता है।
- संबंधित PNR नंबर चुनें और रिफंड का कारण सही ढंग से बताएं (जैसे Train delayed 3+ hours)।
- जानकारी भरने के बाद सबमिट करें।
- आप TDR History में जाकर अपने रिफंड का स्टेटस भी ट्रैक कर सकते हैं।
ध्यान देने योग्य बातें:
हर कारण के लिए TDR फाइल करने की एक तय समय सीमा होती है। समय सीमा के बाद आवेदन करने पर रिफंड मुश्किल हो सकता है।
सही कारण चुनना जरूरी है। रेलवे आवेदन की जांच करेगा और सही पाए जाने पर ही रिफंड प्रोसेस करेगा।
इस डिजिटल प्रक्रिया से आपको किसी कार्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़ता और पूरा काम आसानी से मोबाइल या कंप्यूटर से किया जा सकता है।