Monday, January 26

मुश्किल समय में हनुमान चालीसा का पाठ करते थे मार्क टली, वो परदेशी जिसने भारत को अपनाया

 

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नई दिल्ली: ब्रिटिश नागरिक मार्क टली भारत के लिए केवल एक विदेशी पत्रकार नहीं थे, बल्कि उन्होंने इस देश को अपनी आंखों और दिल से देखा, समझा और अपनाया। उनका जन्म 24 अक्टूबर 1935 को कलकत्ता के टालीगंज में हुआ। पिता चाय के बागान में अफसर थे और 9 साल तक उनकी परवरिश भारत में ही हुई।

 

शुरुआत में मार्क टली पादरी बनना चाहते थे। उन्हें ब्रिटेन भेजा गया, जहाँ उन्होंने कैंब्रिज विश्वविद्यालय में थियोलॉजी (Theology) की पढ़ाई की। दो साल बाद उन्होंने यह तय किया कि पादरी बनने का मार्ग उनके लिए कठिन है। उसी समय बीबीसी में नौकरी का अवसर आया और 1964-65 में वे भारत लौट आए। इसके पहले लंदन में भी उन्होंने हिंदी-ऊर्दू सेवा में काम किया था।

 

सैनिकों और युद्ध की घटनाओं की रिपोर्टिंग

मार्क टली ने भारत-पाकिस्तान युद्ध, 1971 की जंग, ऑपरेशन ब्लू स्टार और बाबरी ढांचा ध्वंस जैसी ऐतिहासिक घटनाओं को कवर किया। 1978 में प्रयागराज कुंभ का कवरेज करते समय उनकी संवेदनशीलता और सांस्कृतिक समझ झलकती थी। मुश्किल हालात में वे हनुमान चालीसा का पाठ करते थे और आध्यात्मिक शक्ति लेते थे।

 

इमरजेंसी का दौर और मुश्किलें

आपातकाल के दौरान उनकी निष्पक्ष रिपोर्टिंग को लेकर सरकार में नाराजगी थी। बीबीसी ने भारत सरकार की दबाव वाली बातों से इंकार किया। टली की गिरफ्तारी की नौबत भी आई, लेकिन अंततः उन्हें भारत छोड़ने का आदेश दिया गया। इमरजेंसी समाप्त होने के बाद वे वापस लौटे और अपने काम में जुट गए।

 

सादगी और देशभक्ति

मार्क टली की सादगी और लगाव अद्भुत थी। 1991 में बलिया के एक गांव में प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के अधिवेशन के दौरान, वे वहीं ठेले पर खाकर रिपोर्टिंग कर रहे थे, जबकि अन्य पत्रकार वहां रुकने से मना कर चुके थे।

 

अयोध्या का ऐतिहासिक कवरेज

मार्क टली का करियर बाबरी मस्जिद ध्वंस के कवरेज के बिना अधूरा है। 6 दिसंबर 1992 को उन्होंने घटनास्थल से लाइव रिपोर्ट भेजी। भीड़ और तनाव के बावजूद वे लगातार खबरों का प्रसारण करते रहे। उस दिन कई विदेशी पत्रकारों और उनके साथियों के लिए भी खतरे के बावजूद उन्होंने अपना कर्तव्य निभाया।

 

मार्क टली भारत के इतिहास और समाज के संवेदनशील दौरों में गवाह रहे, और उनकी निष्पक्ष रिपोर्टिंग ने उन्हें भारत के अनजाने परदेशी नायक के रूप में स्थापित किया।

 

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