
नई दिल्ली: भारत के 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक जाकर देशभक्ति के प्रतीक शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और तीनों सेनाओं के प्रमुख भी उपस्थित रहे।
शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी कर्तव्य पथ पर सलामी मंच की ओर बढ़े, जहाँ उन्होंने गणतंत्र दिवस परेड का अवलोकन किया। परेड राष्ट्रीय एकता, सैन्य शक्ति और भारत की सांस्कृतिक विविधता का जीवंत प्रदर्शन है।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर देशवासियों को बधाई देते हुए लिखा,
“सभी देशवासियों को गणतंत्र दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएँ। भारत की आन-बान और शान का प्रतीक यह राष्ट्रीय महापर्व आप सभी के जीवन में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार करे। विकसित भारत का संकल्प और अधिक सुदृढ़ हो, यही कामना है।”
गणतंत्र दिवस परेड: राष्ट्रीय एकता का प्रतीक
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नेतृत्व में राजधानी दिल्ली के कर्तव्य पथ पर मुख्य समारोह का आयोजन किया गया। यह परेड भारत की सैन्य ताकत, सांस्कृतिक समृद्धि, तकनीकी प्रगति और राष्ट्रीय एकता का जीवंत प्रदर्शन है।
मुख्य अतिथि: यूरोप के शीर्ष प्रतिनिधि
इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह में यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं।
इतिहास के पन्नों में दर्ज है कि भारत को 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्रता मिली थी, लेकिन 26 जनवरी 1950 को देश संप्रभु लोकतांत्रिक गणराज्य बना और संविधान लागू हुआ। आज 26 जनवरी को हम भारत के 77वें गणतंत्र दिवस का जश्न मना रहे हैं।