
मुंबई। हिंदी सिनेमा के इतिहास में कुछ गीत ऐसे हैं, जो केवल संगीत नहीं बल्कि पूरे दौर की पहचान बन जाते हैं। ऐसा ही एक गीत है फिल्म ‘नसीब’ (1981) का सुपरहिट गाना ‘जॉन जानी जनार्दन’, जिसे महान गायक मोहम्मद रफी ने अपनी आवाज दी थी। महज 6 मिनट 28 सेकंड के इस गीत को फिल्माने में पूरे सात दिन लगे थे और इसमें एक साथ 13 से अधिक बॉलीवुड सितारे नजर आए थे।
यह वही गीत है, जिसने हिंदी फिल्मों में कैमियो कल्चर को नई दिशा दी और भविष्य की कई भव्य फिल्मों के लिए मिसाल कायम की।
जहां से शुरू हुआ कैमियो का चलन
निर्देशक मनमोहन देसाई की इस महत्वाकांक्षी प्रस्तुति में उस दौर के लगभग सभी बड़े सितारे एक ही फ्रेम में नजर आए। फिल्म के मुख्य कलाकार अमिताभ बच्चन, हेमा मालिनी और शत्रुघ्न सिन्हा के अलावा गीत में धर्मेंद्र, राज कपूर, वहीदा रहमान, शम्मी कपूर, राजेश खन्ना, शर्मिला टैगोर, रणधीर कपूर, प्रेम चोपड़ा, बिंदू और राकेश रोशन जैसे दिग्गज कलाकारों ने कैमियो किया।
इतने बड़े कलाकारों की उपलब्धता, कोरियोग्राफी, कैमरा मूवमेंट और सेट की भव्यता के कारण इस गीत की शूटिंग सामान्य गानों की तुलना में कहीं अधिक समय तक चली।
संगीत, शब्द और आवाज़ का अद्भुत संगम
‘जॉन जानी जनार्दन’ का संगीत लक्ष्मीकांत–प्यारेलाल ने तैयार किया था, जबकि इसके बोल दिग्गज गीतकार आनंद बख्शी ने लिखे थे। मोहम्मद रफी की दमदार और ऊर्जावान आवाज ने इस गीत को कालजयी बना दिया। यही वजह है कि यह गाना आज भी श्रोताओं और सिनेप्रेमियों के बीच उतना ही लोकप्रिय है।
फिल्म ‘नसीब’ की पृष्ठभूमि
फिल्म ‘नसीब’ दोस्ती, विश्वासघात और बदले की कहानी है। कहानी चार दोस्तों के इर्द-गिर्द घूमती है, जहां एक लॉटरी टिकट लालच और धोखे की वजह बनता है। फिल्म में अमिताभ बच्चन ने जॉनी का किरदार निभाया था, जो आगे चलकर अपने पिता की सच्चाई और अतीत से रूबरू होता है।
बाद की फिल्मों को मिला रास्ता
‘जॉन जानी जनार्दन’ की सफलता ने आगे चलकर बड़े पैमाने पर कैमियो वाले गीतों की परंपरा को जन्म दिया। इसका सबसे बड़ा उदाहरण शाहरुख खान की फिल्म ‘ओम शांति ओम’ (2007) का गीत ‘दीवानगी दीवानगी’ है, जिसमें दर्जनों सितारे एक साथ नजर आए थे।
चार दशक बाद भी ‘जॉन जानी जनार्दन’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि उस दौर के पूरे बॉलीवुड को एक फ्रेम में समेटने वाला ऐतिहासिक दस्तावेज माना जाता है।