
झारखंड में सुरक्षा बलों ने एक बड़े अभियान में 16 नक्सलियों को ढेर कर माओवादियों के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। सारंडा जंगल में हुई इस मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों में पांच ऐसे थे, जिन पर कुल 3.97 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था।
पश्चिम सिंहभूम जिले में सुरक्षा बलों को सूचना मिली कि सारंडा के किरीबुरू थाना क्षेत्र के कुंदन और बडाबुरू जंगलों में 60 से 80 माओवादी मौजूद हैं और किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। इसके बाद 1000 से अधिक जवानों ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
सुरक्षा बलों में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), झारखंड पुलिस की कोबरा यूनिट और जगुआर टीम शामिल थी। अभियान के दौरान जवान जंगल में पैदल आगे बढ़े, जबकि हेलीकॉप्टर से नक्सलियों की टोह ली जा रही थी। सुबह 6:30 बजे मुठभेड़ शुरू हुई और सात घंटे तक लगातार चली।
मुठभेड़ के बाद सुरक्षा बलों को 16 नक्सलियों की लाशें बरामद हुईं। इनमें प्रमुख नक्सली अमल उर्फ परमेश्वर मांझी (सेंट्रल कमेटी) पर 2.35 करोड़ रुपये का इनाम था। इसके अलावा अनमोल उर्फ सुशांत (90 लाख रुपये का इनाम), अमित मुंडा (62 लाख रुपये का इनाम), पिंटू लोहार और ललजीत उर्फ लल्लू (5-5 लाख रुपये का इनाम) सहित अन्य कुख्यात नक्सली शामिल थे।
सुरक्षा बलों के अनुसार, झारखंड में भाकपा (माओवादी) के लगभग सभी केंद्रीय समिति सदस्य इस अभियान में मारे जा चुके हैं। अब राज्य में सिर्फ 60-65 माओवादी बचे हैं, जो सभी सिंहभूम क्षेत्र में सक्रिय हैं।
झारखंड में 2001 से 2025 के बीच 11,000 से अधिक माओवादियों को गिरफ्तार किया गया है। इसी दौरान मुठभेड़ों में लगभग 250 नक्सली मारे गए और 350 ने आत्मसमर्पण किया।
विशेष अभियान ‘मेघा’ के तहत सुरक्षा बलों की यह सफलता राज्य में माओवादी गतिविधियों को कम करने में निर्णायक साबित होगी।