
प्रयागराज: बुधवार दोपहर प्रयागराज में एयरफोर्स के माइक्रोलाइट-116 विमान में तकनीकी खराबी आने के बाद पायलटों ने क्रैश लैंडिंग कराई। विमान के पास स्थित जलकुंभी से भरे तालाब में फंसे दोनों पायलटों को स्थानीय ग्रामीणों ने बहादुरी दिखाते हुए सुरक्षित बाहर निकाला। हादसे में किसी तरह की जान-माल की हानि नहीं हुई।
घटना के अनुसार, विमान बमरौली लौटते समय केपी इंटर कॉलेज के पास तकनीकी खराबी के कारण तालाब में उतारा गया। विमान में सवार दोनों पायलटों ने सूझ-बूझ दिखाते हुए घनी आबादी से दूर विमान को उतारा और पैराशूट खोल दिया। पैराशूट खुलते ही तेज आवाज हुई, जिसे सुनकर स्थानीय लोग तालाब की ओर दौड़े।
स्थानीय लाल साहब निषाद, पंकज सोनकर और आलोक यादव ने तुरंत तालाब में छलांग लगाकर पायलटों को विमान से बाहर निकाला। जलकुंभी और दलदल के बीच दस मिनट तक संघर्ष करने के बाद उन्होंने विमान का दरवाजा खोलकर दोनों पायलटों को सुरक्षित बाहर लाया। पायलटों ने ग्रामीणों को गले लगाकर अपनी कृतज्ञता व्यक्त की।
इस दौरान मौके पर पुलिस और एंबुलेंस भी पहुँच गई। एयरफोर्स का हेलीकॉप्टर हादसे के दस मिनट के भीतर मौके पर पहुंचा और क्रैश विमान का जायजा लिया। शाम तक विमान को तालाब के किनारे सुरक्षित निकाल लिया गया।
एयरफोर्स के प्रवक्ता विंग कमांडर देवव्रत धर ने बताया कि विमान सुबह रूटीन निरीक्षण के लिए उड़ान भर रहा था। तकनीकी खराबी आने पर पायलटों ने सुरक्षित क्रैश लैंडिंग कराई। मामले में कोर्ट ऑफ़ इन्क्वायरी का आदेश दिया गया है।
ज्ञात रहे कि प्रयागराज में 33 साल पहले भी माइक्रोलाइट विमान की क्रैश लैंडिंग का मामला सामने आया था। तब भी तकनीकी खराबी के कारण राजरूपपुर में विमान तालाब में गिरा था, जिसमें दोनों पायलटों की मौत हो गई थी।
ग्रामीणों की तत्परता और बहादुरी के कारण इस बार बड़ा हादसा टल गया, और दोनों पायलट सुरक्षित रहे।