
टाइप 1 डायबिटीज एक ऐसी लाइलाज बीमारी है, जो मरीज की पूरी जिंदगी बदल सकती है। लेकिन मेवाड़ की राजकुमारी पद्मजा कुमारी परमार ने इस चुनौतीपूर्ण बीमारी के साथ 40 सालों से स्वस्थ, सक्रिय और प्रेरणादायक जीवन जीकर इसे चुनौती दी है।
पद्मजा कुमारी परमार को मात्र 5 साल की उम्र में टाइप 1 डायबिटीज का पता चला था। अचानक वजन घटने, लगातार प्यास लगने, बार-बार पेशाब आने और थकान जैसी शिकायतों के बाद उनके माता-पिता ने डॉक्टर से सलाह ली। इसके बाद उनकी जिंदगी में अनुशासन, स्वास्थ्य और अपने शरीर के प्रति जागरूकता का रास्ता खुला।
राजकुमारी के अनुसार, “टाइप 1 डायबिटीज के बिना मेरी जिंदगी की याद अधूरी है। यह बीमारी मुझे स्वास्थ्य के महत्व, अनुशासन और जीवन के उद्देश्य को समझने का मौका देती रही है।”
उम्र के साथ आने वाली चुनौतियां
जैसे-जैसे उम्र बढ़ी, टाइप 1 डायबिटीज से जुड़ी दिक्कतें बढ़ना स्वाभाविक नहीं, बल्कि तब होती हैं जब इसे सही तरीके से मैनेज न किया जाए। पद्मजा कुमारी परमार बताती हैं कि उन्होंने इंसुलिन, नियमित शुगर लेवल चेक, हाइड्रेशन, फिजिकल एक्टिविटी और आराम को अपनी दिनचर्या में प्राथमिकता दी।
उनके अनुसार, उम्र केवल एक संख्या है; असली स्वास्थ्य यह निर्धारित करता है कि आप कैसे महसूस करते हैं, क्या करते हैं और अपने शरीर और मानसिक स्थिति का ध्यान कैसे रखते हैं।
बैलेंस ही है जीवन का मंत्र
डायबिटीज के मरीजों के लिए डाइट और लाइफस्टाइल का मतलब किसी चीज़ से दूर रहना नहीं, बल्कि संतुलन बनाना है। पद्मजा कुमारी परमार का कहना है कि उनका फोकस न्यूट्रिशन, माइंडफुलनेस और जीवन का आनंद है। शारीरिक रूप से सक्रिय रहना, परिवार के साथ समय बिताना और मानसिक व भावनात्मक स्वास्थ्य बनाए रखना उनके जीवनशैली का अहम हिस्सा है।
कमजोरी नहीं, शक्ति है
राजकुमारी पद्मजा कुमारी परमार का मानना है कि टाइप 1 डायबिटीज मरीज कमजोर नहीं होते। इसके लिए परिवार और सपोर्ट सिस्टम को मिथकों से दूर रहना चाहिए। यह बीमारी हर दिन साहस, जागरूकता और अनुशासन की मांग करती है।
पद्मजा कुमारी परमार कहती हैं, “हमें एक ऐसी शक्ति बनानी चाहिए, जिससे टाइप 1 डायबिटीज के मरीज बिना डर या शर्म के, गरिमा और गौरव के साथ आगे बढ़ सकें।”
नोट: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। किसी भी दवा या इलाज के विकल्प के रूप में इसे नहीं लिया जाना चाहिए। किसी भी स्वास्थ्य संबंधी निर्णय के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।