
शादी को आमतौर पर खुशी, संगीत और उल्लास का प्रतीक माना जाता है। दूल्हा-दुल्हन के स्वागत में फूल बरसते हैं और नए जीवन की शुरुआत शुभकामनाओं के साथ होती है। लेकिन दुनिया में एक देश ऐसा भी है, जहां शादी से पहले दूल्हे का स्वागत फूलों से नहीं, बल्कि कीचड़, अंडों और गंदगी से किया जाता है। यह अनोखी परंपरा स्कॉटलैंड के कुछ इलाकों में आज भी निभाई जाती है, जिसे “ब्लैकनिंग ऑफ द ग्रूम” कहा जाता है।
इस रस्म में दूल्हे को उसके दोस्त और रिश्तेदार मजाकिया अंदाज में पकड़ लेते हैं और उसके पूरे शरीर पर कीचड़, राख, अंडे और कई बार बदबूदार चीजें भी लगा दी जाती हैं। इतना ही नहीं, हल्की-फुल्की मारपीट भी इस परंपरा का हिस्सा होती है। इसके बाद दूल्हे को उसी हालत में पूरे गांव या कस्बे में घुमाया जाता है। रास्ते में लोग हंसते हैं, मजाक करते हैं और तस्वीरें खींचते हैं।
स्थानीय लोगों का मानना है कि यह रस्म दूल्हे को आने वाली शादीशुदा जिंदगी की चुनौतियों के लिए मानसिक रूप से मजबूत बनाती है। उनके अनुसार, जो व्यक्ति इस रस्म के दौरान थोड़ी शर्मिंदगी और दर्द सह लेता है, वह आगे चलकर वैवाहिक जीवन की मुश्किलों को भी धैर्य और समझदारी से झेल पाता है। उनके लिए यह अपमान नहीं, बल्कि हंसी-मजाक और सामूहिक उत्सव का हिस्सा है।
इस परंपरा के पीछे एक और मान्यता भी जुड़ी है। माना जाता है कि गंदगी और प्रतीकात्मक अपमान के जरिए बुरी नजर और नकारात्मक शक्तियां दूर रहती हैं। साथ ही यह रस्म दूल्हे को अहंकार से दूर रखकर जमीन से जोड़े रखने का संदेश देती है। समुदाय के लोग इसे जीवन का एक जरूरी सबक मानते हैं।
आधुनिक दौर में भी स्कॉटलैंड के कुछ क्षेत्रों में यह परंपरा कायम है। नई पीढ़ी इसे सजा या शर्मिंदगी नहीं, बल्कि दोस्तों और परिवार के साथ बिताए गए यादगार पलों के रूप में देखती है। इस तरह, ‘ब्लैकनिंग ऑफ द ग्रूम’ आज भी स्कॉटलैंड की सांस्कृतिक पहचान और सामुदायिक एकता का अनोखा उदाहरण बनी हुई है।