
भीलवाड़ा, 18 जनवरी 2026: भीलवाड़ा के 38 वर्षीय राजू के लिए 11 जनवरी की सुबह किसी कयामत से कम नहीं थी। वह कहते हैं, “सुबह साथ बैठकर खाना खाया था, मंजू के चेहरे पर शिकन तक नहीं थी। मुझे क्या पता था कि जिस ममता पर मुझे नाज था, वही मेरे बच्चों की ‘काल’ बन जाएगी।”
राजू की पत्नी मंजू ने इंटरनेट पर कैंसर के लक्षण देखकर खौफ में आकर अपने ही दो मासूमों – 10 साल की बेटी नेहा और 6 साल के बेटे भेरू – की बेरहमी से हत्या कर दी। राजू बताते हैं, “जो मां बच्चों के साथ रील बनाती थी, उन्हें सजाती-संवारती और अपने हाथों से निवाला खिलाती थी, उसने रस्सी और सरिए से उन्हें खत्म कर दिया। अब मैं उस कातिल के साथ नहीं रह सकता।”
उस दिन सुबह 11:30 बजे राजू को फोन आया कि मंजू ने बच्चों को मार दिया है। वह तुरंत बाइक लेकर घर पहुंचे, लेकिन तब तक मासूमों की सांसें थम चुकी थीं। अपने ही बच्चों के शव को कंधा देने का दर्द राजू के लिए किसी भी शब्द में बयां नहीं किया जा सकता।
राजू ने आगे कहा, “मैं उसके खिलाफ केस नहीं लड़ूंगा, कानून जो करेगा सो करेगा। पर अब मैं उस औरत के साथ नहीं रह सकता। मेरा सब कुछ उजड़ गया, अब बस यादें बची हैं।”
राजू की सिसकियां उन सभी के लिए चेतावनी हैं जो अपने अपनों से बात करने की बजाय इंटरनेट और मोबाइल पर अधूरे ज्ञान पर भरोसा कर लेते हैं।