
इलेक्ट्रिक बसें, टू-व्हीलर्स और टैक्सी सर्विस भी लाने की तैयारी
नई दिल्ली।
वियतनाम की प्रमुख इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनी विनफास्ट (VinFast) भारत में अपने कारोबार का तेजी से विस्तार करने जा रही है। कंपनी ने घोषणा की है कि वह 2026 में भारतीय बाजार में तीन नई इलेक्ट्रिक गाड़ियां लॉन्च करेगी। इसके साथ ही विनफास्ट देश में इलेक्ट्रिक बसों, इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स और टैक्सी सर्विस की भी शुरुआत करेगी।
फरवरी 2026 में आएगी 7-सीटर इलेक्ट्रिक MPV
VinFast इंडिया के सीईओ तपन घोष के अनुसार, कंपनी की पहली पेशकश ‘लीमो ग्रीन’ नाम की 7-सीटर इलेक्ट्रिक MPV होगी, जिसे फरवरी 2026 में लॉन्च किया जाएगा। यह वाहन खासतौर पर भारतीय ग्राहकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है और इसमें प्रीमियम फीचर्स के साथ किफायती कीमत पर बेहतर वैल्यू देने का दावा किया गया है।
बिक्री में मजबूत पकड़
सितंबर 2025 में भारत में प्रवेश करने के बाद से विनफास्ट ने कम समय में ही 1,000 से अधिक इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री कर ली है। कंपनी के VF6 और VF7 मॉडल को बाजार में अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। दिसंबर 2025 में विनफास्ट भारत की टॉप-4 इलेक्ट्रिक कार कंपनियों में शामिल हो गई और बिक्री के मामले में हुंडई, किआ और BYD जैसे स्थापित ब्रांड्स को पीछे छोड़ दिया।
डीलरशिप नेटवर्क होगा दोगुना
कंपनी इस साल अपने डीलरशिप नेटवर्क को बढ़ाकर 70 शोरूम तक ले जाने की योजना बना रही है, जिससे देशभर में ग्राहकों को बेहतर बिक्री और सर्विस सुविधा मिल सके।
तमिलनाडु में हो रहा है स्थानीय उत्पादन
विनफास्ट की गाड़ियों का असेंबली कार्य तमिलनाडु के थूथुकुडी प्लांट में किया जा रहा है। कंपनी लोकल मैन्युफैक्चरिंग पर विशेष जोर दे रही है, ताकि लागत कम हो और सर्विस नेटवर्क को मजबूती मिले।
इलेक्ट्रिक टैक्सी सर्विस की भी शुरुआत
विनफास्ट की सहयोगी कंपनी GSM (ग्रीन एंड स्मार्ट मोबिलिटी) फरवरी 2026 से भारत में इलेक्ट्रिक टैक्सी सर्विस शुरू करेगी। इस सर्विस में विनफास्ट की इलेक्ट्रिक कारों का इस्तेमाल किया जाएगा।
बस और टू-व्हीलर सेगमेंट में भी एंट्री
कारों के अलावा विनफास्ट इलेक्ट्रिक बसों और इलेक्ट्रिक स्कूटरों को भी भारतीय बाजार में उतारने की तैयारी में है। इसके लिए कंपनी भारत में करीब 2 अरब डॉलर (लगभग 16,000 करोड़ रुपये) के निवेश की योजना बना रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार, विनफास्ट का यह आक्रामक विस्तार भारतीय इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में प्रतिस्पर्धा को और तेज करेगा तथा ईवी इकोसिस्टम को मजबूती देगा।