
नीतीश की समृद्धि यात्रा के बीच राजद करेगी जनता की समस्याओं पर पैनी नजर पटना: बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव समृद्धि यात्रा के दौरान सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने पार्टी नेताओं को जनता के बीच रहने और सरकार के पहले 100 दिनों के कामकाज का बारीकी से मूल्यांकन करने का निर्देश दिया। राजद अब जनसमस्याओं के जरिए सत्ता की घेराबंदी करने की तैयारी में है।
संसद और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ हुई बैठक में तेजस्वी यादव ने ‘सिंघम रिटर्न’ के अंदाज में रणनीति तय की और जिम्मेदारियां सौंप दी। हार के बाद राजनीतिक जड़ता को समाप्त करते हुए उन्होंने पार्टी के सक्रिय नेताओं को जनता के बीच रहने और लगातार कार्य करने को कहा।
राजद सूत्रों के अनुसार, अगले 100 दिनों में पार्टी सरकार के अधूरे कार्यों, जनसमस्याओं और जनता के प्रति सरकार की निष्पक्षता की समीक्षा करेगी। यदि सरकार केवल वाह-वाही में लिप्त रहती है, तो राजद सख्त विरोध करेगी और मनमानी नहीं चलने देगी।
बैठक में 2025 विधानसभा चुनाव की समीक्षा भी की गई। 10 हजार रुपए की योजना को सबसे प्रभावी माना गया, वहीं भीतरघात और साथी दलों के असंगठित प्रदर्शन को हार के मुख्य कारण बताया गया।
समृद्धि यात्रा के दबाव के बीच हुई बैठक ने पार्टी की आंतरिक ऊर्जा को नई धार दी। तेजस्वी यादव ने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे पंचायत स्तर तक सक्रिय रहें और सरकार की गतिविधियों पर पैनी नजर रखें।
राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने भी बैठक में अपनी सक्रियता दिखाई। उन्होंने आत्म-मंथन, जिम्मेदारी और पार्टी के भीतर नापाक तत्वों पर नियंत्रण के महत्व पर जोर दिया।
इस रणनीति के जरिए तेजस्वी यादव ने राजद को पुनः मजबूत करने और विरोध का प्रभावी परचम लहराने की तैयारी पूरी कर ली है।