
मुंबई: महाराष्ट्र महानगरपालिका चुनावों में बीजेपी ने मुंबई से लेकर पश्चिम महाराष्ट्र तक अपनी सत्ता साबित कर दी। डिप्टी सीएम अजित पवार को चाचा शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी के साथ गठबंधन करने के बावजूद करारा झटका लगा। पुणे और पिंपरी चिंचवड में उनकी पार्टी एक भी महानगरपालिका जीतने में सफल नहीं हो पाई।
पुणे-पिंपरी चिंचवड में करारी हार
अजित पवार ने इन दोनों गढ़ों में पूरी ताकत झोंकी थी।
चुनाव प्रचार में बीजेपी पर भ्रष्टाचार समेत कई आरोप लगाए।
पिंपरी चिंचवड में उनकी पार्टी 40 सीटों से कम पर सिमट गई।
पुणे में केंद्रीय राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल के नेतृत्व में बीजेपी ने मजबूत प्रदर्शन किया।
मुंबई में भी BJP का दबदबा
अजित पवार ने मुंबई बीएमसी चुनाव में नवाब मलिक को कमान सौंपी थी।
अकेले चुनाव लड़ने का फैसला भारी पड़ा।
नवाब मलिक की अगुवाई वाली एनसीपी सिर्फ गिनती की सीटें जीत पाई।
पवार परिवार की उम्मीदें टूट गईं, खासकर मुंबई में।
पवार परिवार के लिए बड़ा झटका
शरद पवार और अजित पवार दोनों के गढ़ में हार ने राजनीतिक सेंसेशन पैदा कर दी।
पश्चिम महाराष्ट्र में बारामती का गढ़ होने के बावजूद बीजेपी की मजबूत रणनीति को तोड़ा नहीं जा सका।
चुनाव नतीजे भविष्य में पवार परिवार के राजनीतिक गठबंधन और रणनीति पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
संक्षेप: महाराष्ट्र के महानगरपालिका चुनावों में बीजेपी की लहर ने न केवल अजित पवार को झटका दिया, बल्कि पवार परिवार की राजनीतिक प्रतिष्ठा को भी चुनौती दी।