
अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला से निकले रूसी झंडे वाले तेल टैंकर पर तैनात तीन भारतीय नागरिकों को रिहा कर दिया है। यह टैंकर “मैरिनेरा” नामक जहाज था, जिसे पिछले हफ्ते नॉर्थ अटलांटिक में अमेरिकी ऑपरेशन के दौरान रोका गया था। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, यह जहाज “शैडो फ्लीट” का हिस्सा था, जो वेनेजुएला, रूस और ईरान जैसे प्रतिबंधित देशों के लिए तेल परिवहन में शामिल था।
रिहा किए गए भारतीय क्रू मेंबर
इस टैंकर पर कुल 28 क्रू मेंबर थे, जिनमें तीन भारतीय, यूक्रेनी, रूसी और जॉर्जियाई नागरिक शामिल थे। भारतीय नागरिकों में हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के 26 वर्षीय रक्षित चौहान भी शामिल हैं, जो अपने पहले समुद्री मिशन पर थे। अमेरिकी सेना ने इन्हें हिरासत में लेने के बाद रिहा कर दिया।
अमेरिका और भारत के बीच बढ़ता सहयोग
रिहाई की सूचना ऐसे समय आई जब सर्गियो गोर ने नई दिल्ली में भारत में अमेरिकी राजदूत के रूप में पदभार संभाला। गोर ने कहा कि भारत और अमेरिका कई मुद्दों पर जुड़े हुए हैं और मतभेदों को दूर करने के लिए लगातार बातचीत कर रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि दोनों देश साझा हितों से बंधे हैं और यह रिश्ता उच्चतम स्तर पर आधारित है। अमेरिकी कार्रवाई में रूसी पक्ष की संवेदनशीलता का भी ध्यान रखा गया, और रूस ने सभी 28 क्रू सदस्यों के मानवीय और सम्मानजनक व्यवहार की मांग की थी।
पृष्ठभूमि
मॉस्को ने अमेरिकी अधिकारियों से अनुरोध किया था कि क्रू सदस्यों को उनके देश में सुरक्षित और जल्द लौटाया जाए। आपको बता दें कि अमेरिका ने वेनेजुएला से निकले कम से कम पाँच टैंकरों को पहले भी जब्त किया है।
यह कदम भारतीय समुद्री कर्मियों और उनके परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हुआ है और अमेरिका-भारत संबंधों में भरोसे का प्रतीक माना जा रहा है।