
रियाद/नई दिल्ली: सऊदी अरब सरकार ने हज 2026 के लिए अहम घोषणा की है। इस साल मई के आखिरी सप्ताह में आयोजित होने वाले हज के लिए अब दुनियाभर के मुसलमान “डायरेक्ट हज प्रोग्राम“ के तहत पैकेज चुन सकते हैं। यह सुविधा सऊदी अरब के नुसुक हज प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराई गई है।
इस प्लेटफॉर्म के जरिए योग्य तीर्थयात्री अपने बजट, सेवाओं और सुविधाओं के हिसाब से अलग-अलग पैकेज की तुलना कर सकते हैं और पांच पसंदीदा विकल्प चुन सकते हैं। साथ ही डिजिटल वॉलेट के माध्यम से किश्तों में भुगतान भी किया जा सकता है।
भारत उन देशों में शामिल है, जहां से हर साल बड़ी संख्या में मुसलमान हज के लिए सऊदी अरब जाते हैं। ऐसे में भारतीय मुसलमानों को इस डायरेक्ट प्रोग्राम से सीधे लाभ मिलेगा। सऊदी सरकार ने यात्रियों से आग्रह किया है कि वे प्लेटफॉर्म पर अपना रजिस्ट्रेशन कराएं या अपनी जानकारी अपडेट करें। परिवार के सदस्यों को एक साथ आवेदन में जोड़ने की सलाह भी दी गई है, ताकि सत्यापन और मंजूरी की प्रक्रिया तेज़ी से पूरी हो सके।
सऊदी अरब ने विशेष रूप से चेतावनी दी है कि डायरेक्ट हज प्रोग्राम केवल शामिल देशों के लिए ही लागू है। अन्य देशों के लिए हज की व्यवस्था स्थानीय स्वीकृत माध्यमों से ही होगी। सऊदी मंत्रालय ने यात्रियों से कहा है कि किसी भी तरह के फ्रॉड या नकली बुकिंग से बचने के लिए सभी भुगतान और बुकिंग केवल नुसुक हज प्लेटफॉर्म के माध्यम से ही करें।
हज इस्लाम धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है और यह हर मुसलमान के लिए जीवन में कम से कम एक बार करना फर्ज है। इसमें मक्का और मदीना की कई धार्मिक रस्में पूरी की जाती हैं। हज इस्लाम के पांच स्तंभों में से एक है, अन्य स्तंभों में अल्लाह पर यकीन, नमाज, जकात और रोज़ा शामिल हैं।