
भोपाल: उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं और घने कोहरे ने मध्य प्रदेश में रेल यातायात को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। घने कोहरे और घटती विजिबिलिटी के कारण ट्रेनें घंटों देरी से चल रही हैं, जिससे हजारों यात्रियों का सफर काफी मुश्किलों से भरा हो गया है।
मंगलवार सुबह राज्य के अधिकांश हिस्सों में विजिबिलिटी महज 20 मीटर रह गई, जिसका असर लंबी दूरी की ट्रेनों के संचालन पर पड़ा। ट्रेनों की गति धीमी हो गई, और उन्हें पटरियों पर रेंगते हुए चलना पड़ा।
14 घंटे की देरी से चल रही ट्रेनें
कोहरे के कारण उत्तर भारत से भोपाल और इटारसी की ओर आने वाली मुख्य ट्रेनें निर्धारित समय से 10 से 14 घंटे की भारी देरी से चल रही हैं। रेलवे के आंकड़ों के अनुसार, श्रीधाम एक्सप्रेस इटारसी स्टेशन पर 13.5 घंटे की देरी से पहुंची, जबकि अगरतला-रानी कमलापति स्पेशल ट्रेन ने लगभग 14 घंटे की देरी से अपनी यात्रा शुरू की। इसके अलावा, मालवा एक्सप्रेस, सचखंड एक्सप्रेस, कर्नाटक एक्सप्रेस और तमिलनाडु एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनें भी 2 से 5 घंटे तक विलंबित रही हैं।
कड़ाके की ठंड में यात्री परेशान
कोहरे के कारण यात्रियों को न केवल देरी का सामना करना पड़ा, बल्कि कड़ी ठंड और शीतलहर के बीच खुले प्लेटफॉर्म पर घंटों इंतजार करना पड़ा। ट्रेनें समय से न चलने के कारण रेलवे टाइम-टेबल भी गड़बड़ा गया है। प्लेटफॉर्म पर ठिठुरते हुए मुसाफिरों के लिए यह अनुभव बेहद कठिन हो गया है।
मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विभाग ने अगले 72 घंटों के लिए ‘डेंस फॉग’ (घना कोहरा) का अलर्ट जारी किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने और नमी के बढ़ने के कारण कोहरा अगले तीन दिनों तक और गहरा सकता है। रेल यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी यात्रा से पहले ट्रेनों की लाइव लोकेशन चेक करें ताकि वे किसी अप्रत्याशित देरी से बच सकें।