Saturday, January 31

बिहार पंचायत चुनाव 2026: परिसीमन में नहीं होगा कोई बदलाव, पुराने वार्ड और क्षेत्रों में ही होगा मतदान सुधेंद्र प्रताप सिंह द्वारा रिपोर्ट

 

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पटना: बिहार में आगामी पंचायत आम चुनाव 2026 के पहले चुनाव क्षेत्रों के परिसीमन को लेकर चल रही अटकलों पर राज्य सरकार ने विराम लगा दिया है। सरकार ने साफ किया है कि इस बार पंचायत चुनावों से पहले वार्ड, पंचायत या अन्य चुनाव क्षेत्रों में किसी भी तरह का परिसीमन नहीं किया जाएगा। इसका मतलब है कि 2026 के पंचायत चुनाव पुराने परिसीमन के आधार पर ही होंगे।

 

राज्य सरकार के इस फैसले से लगभग 2.50 लाख पंचायतीराज संस्थाओं के पदों के लिए चुनाव पुराने परिसीमन के अनुसार होंगे, जिसमें ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद के सभी पद शामिल हैं।

 

आरक्षण रोस्टर का निर्धारण होगा नया

हालांकि परिसीमन में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा, लेकिन आरक्षण रोस्टर का निर्धारण नए सिरे से किया जाएगा। राज्य निर्वाचन आयोग इसके लिए जल्द ही प्रक्रिया शुरू करेगा। आयोग के सूत्रों के अनुसार, सभी जिलों से राजस्व ग्राम के वार्डवार आंकड़ों की जानकारी मांगी जाएगी। इन आंकड़ों का मिलान आयोग के मुख्य डेटा बैंक से किया जाएगा, जिसके बाद ही आरक्षण की स्थिति स्पष्ट की जाएगी।

 

परिसीमन की अफवाहों पर आयोग की सख्त प्रतिक्रिया

हाल ही में प्रखंड मुख्यालयों में यह अफवाह फैल रही थी कि पंचायत चुनाव से पहले नए वार्ड और पंचायतों का गठन किया जाएगा। इस भ्रम के कारण कई लोग निर्वाचन आयोग के दफ्तरों के चक्कर लगा रहे थे। आयोग ने स्पष्ट किया है कि पंचायत चुनाव की प्रक्रिया सितंबर, अक्टूबर और नवंबर के बीच विभिन्न चरणों में आयोजित होने की संभावना है, जिसे दिसंबर से पहले पूरा करना अनिवार्य है। आयोग अब इन अफवाहों को फैलाने वालों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने पर विचार कर रहा है।

 

क्या होता है परिसीमन?

पंचायत परिसीमन एक कानूनी प्रक्रिया है जिसके तहत ग्राम पंचायतों, वार्डों, पंचायत समितियों और जिला परिषदों की भौगोलिक सीमा तय की जाती है। इसका मुख्य उद्देश्य जनसंख्या के आधार पर निर्वाचन क्षेत्रों का निर्धारण करना है ताकि प्रत्येक जनप्रतिनिधि समान आबादी का प्रतिनिधित्व कर सके। इस बार समय की कमी के कारण और सरकार के फैसले के तहत 2021 वाली सीमाएं ही प्रभावी रहेंगी।

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