
नई दिल्ली: टेलीकॉम ऑपरेटर स्पैम कॉल और मैसेज रोकने में नाकाम साबित हुए हैं। इस कारण टेलीकॉम रेगुलेटर Trai ने ऑपरेटरों पर 150 करोड़ रुपये का भारी जुर्माना लगाया है। जुर्माना तीन सालों के लिए लगाया गया है और इसमें ग्राहकों की शिकायतों को गलत तरीके से बंद करने तथा स्पैमर्स पर उचित कार्रवाई न करने का आधार है।
Trai के मुताबिक, नियमों के अनुसार किसी भी टेलीकॉम सेवा प्रदाता (TSP) पर प्रति लाइसेंस सर्विस क्षेत्र प्रति माह 50 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इस जुर्माने का उद्देश्य नेटवर्क से स्पैम भेजने वाले ऑपरेटरों को दंडित करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि स्पैमर्स पर उचित कार्रवाई की जाए।
Trai ने हटाए लाखों स्पैमर्स कनेक्शन:
Trai के ऑडिट में पाया गया कि TSPs ने कई बार ग्राहक शिकायतों को गलत तरीके से बंद किया। पिछले साल, ट्राई ने 21 लाख से अधिक स्पैमर्स के कनेक्शन काटे और 1 लाख से अधिक संस्थाओं को ब्लैकलिस्ट किया। 13 अगस्त, 2024 के आदेश के बाद, सितंबर 2024 में लगभग 18.8 लाख स्पैमर्स के कनेक्शन काटे गए और 1,150 से अधिक संस्थाओं को ब्लैकलिस्ट किया गया। Trai ने DND ऐप भी लॉन्च किया है, जिससे उपयोगकर्ता केवल 4-6 क्लिक में शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
10 दिनों में 5 शिकायतें मिलने पर कार्रवाई:
Trai ने नियम कड़े कर दिए हैं। अब किसी स्पैमर के खिलाफ पिछले 10 दिनों में पांच शिकायतें मिलने पर कार्रवाई शुरू की जा सकती है। पंजीकृत टेलीमार्केटर्स के लिए पहले से सख्त नियम हैं, लेकिन अब अधिकांश स्पैम अपंजीकृत नंबरों से भेजे जा रहे हैं। केवल नंबर ब्लॉक करने से स्पैम नहीं रुकता क्योंकि स्पैमर्स लगातार अपने नंबर बदलते रहते हैं।
बैंकिंग और सरकारी कॉल के लिए नए नियम:
Trai ने बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और बीमा क्षेत्र की संस्थाओं के लिए 1,600 सीरीज नंबरों को अनिवार्य कर दिया है। सरकारी संस्थाओं को भी नागरिकों को कॉल करने के लिए इन नंबरों का इस्तेमाल करना होगा। इसके बावजूद, स्पैम और फ्रॉड कॉल के मामले आम हैं।