
मेरठ | शहर के एक प्रतिष्ठित निजी अस्पताल में शुक्रवार देर रात उस समय हड़कंप मच गया, जब आईसीयू में भर्ती एक मरीज की दूसरी मंजिल से गिरकर मौत हो गई। मृतक की पहचान 45 वर्षीय संजय चौधरी के रूप में हुई है, जिन्हें खून की कमी (एनीमिया) के चलते तीन दिन पहले अस्पताल में भर्ती कराया गया था। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा और तोड़फोड़ की।
15 वर्षों से मेरठ में रहकर कर रहे थे नौकरी
संजय चौधरी मूल रूप से पहाड़ी क्षेत्र के निवासी थे और पिछले करीब 15 वर्षों से मेरठ के जेलचुंगी इलाके में अपने परिवार के साथ रह रहे थे। वे एक निजी कंपनी में कार्यरत थे। परिवार में पत्नी ज्योति और बेटा शुभांक चौधरी हैं। परिजनों के मुताबिक, बुधवार को संजय का हीमोग्लोबिन बेहद कम होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान उन्हें तीन यूनिट खून चढ़ाया गया और शुक्रवार को उनकी हालत में सुधार बताया जा रहा था।
पत्नी का आरोप—टॉयलेट से नीचे धकेला गया
मृतक की पत्नी ज्योति ने अस्पताल स्टाफ पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके पति को टॉयलेट की खिड़की से नीचे धकेला गया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब संजय को टॉयलेट बैग (थैली) लगी हुई थी, तो उनके बाथरूम जाने का कोई कारण ही नहीं था। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल स्टाफ की लापरवाही और समय पर मदद न मिलने के कारण यह हादसा हुआ और इसे आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या माना जाना चाहिए।
अस्पताल परिसर में हंगामा, शीशे तोड़े
घटना के बाद मृतक के साले प्रदीप चौधरी सहित अन्य परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया और तोड़फोड़ की। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस मौके पर पहुंची। सीओ सिविल लाइन अभिषेक त्रिपाठी और एसडीएम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया।
अस्पताल का दावा—आत्महत्या का मामला
इलाज कर रहे डॉक्टर पीके शुक्ला ने बताया कि संजय मानसिक रूप से सामान्य लग रहे थे और कुछ घंटे पहले ही उनसे बातचीत हुई थी। डॉक्टर ने आशंका जताई कि किसी पारिवारिक कारण से मरीज ने यह कदम उठाया हो सकता है।
नाइट ड्यूटी इंचार्ज डॉक्टर राजीव के अनुसार, मरीज बाथरूम गया था, जहां उसने अंदर से चटकनी लगाकर शीशा तोड़ा और खिड़की से छलांग लगा दी।
प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, जांच जारी
आईसीयू में भर्ती एक अन्य मरीज ने बताया कि संजय पहले वार्ड में टहल रहे थे, फिर बाथरूम गए और दरवाजा बंद कर लिया। कुछ देर बाद आवाजें आईं, लेकिन तब तक वह नीचे गिर चुके थे।
पुलिस के अनुसार, आसपास लगे अस्पताल और सामने स्थित होटल के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। फोरेंसिक टीम भी साक्ष्य जुटा रही है।
सच क्या—हत्या या आत्महत्या?
फिलहाल अस्पताल प्रशासन इसे आत्महत्या बता रहा है, जबकि परिजन हत्या का आरोप लगा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।