पुरस्कारों का अर्थशास्त्र(सम्मान, कारोबार और साहित्य का संकट)
एक साहित्यिक संस्था ने कविता, कहानी, व्यंग्य सहित सात विधाओं में कुल 21 पुरस्कारों की घोषणा की। प्रत्येक विधा में प्रथम पुरस्कार ₹5,100, द्वितीय ₹3,100 तथा तृतीय ₹2,100 निर्धारित किया गया। प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए ₹500 आवेदन शुल्क रखा गया और शर्त यह थी कि प्रतिभागी अपनी पिछले वर्ष प्रकाशित पुस्तक की दो प्रतियाँ आवेदन के साथ भेजें। आकर्षक घोषणा के बाद देशभर से 650 साहित्यकारों ने आवेदन किया, जिससे संस्था को आवेदन शुल्क के रूप में ₹3,25,000 प्राप्त हुए। निर्धारित तिथि पर वातानुकूलित सभागार में भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जिसमें कुल ₹72,100 की पुरस्कार राशि वितरित की गई तथा आयोजन पर लगभग ₹32,500 खर्च किए गए। इस प्रकार कुल व्यय ₹1,04,600 रहा, जबकि ₹2,20,400 की राशि शेष बच गई। अगले ही दिन संस्था के अध्यक्ष और सचिव को 1,300 पुस्तकें दान करने के उपलक्ष्य में विश्वविद्यालय द्वारा सम...










