
बेंगलुरु: साइबर सिटी बेंगलुरु में इन दिनों एटीएम में कैश की कमी से लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कई लोग एक एटीएम से दूसरे एटीएम तक जा रहे हैं, लेकिन उन्हें पर्याप्त कैश नहीं मिल पा रहा। खासकर 500 रुपये के नोट मिलना अब बेहद दुर्लभ हो गया है।
क्यों आई कैश की कमी?
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बैंकों में कैश की डिमांड अचानक बढ़ गई है, जिससे एटीएम में नोट समय पर नहीं भरे जा पा रहे।
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सरकारी और प्राइवेट बैंक दोनों ही कैश की कमी से जूझ रहे हैं।
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बैंकर्स के अनुसार, कंस्ट्रक्शन, प्रॉपर्टी डेवलपमेंट और सरकारी सिविक प्रोजेक्ट में बड़े ठेकेदारों और कर्मचारियों को नकद भुगतान करना पड़ रहा है, जिससे बड़े पैमाने पर कैश निकासी हो रही है।
चुनावों का असर?
कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले नगर निगम चुनावों और पड़ोसी राज्यों के विधानसभा चुनावों के कारण राजनीतिक दल और संभावित उम्मीदवार पहले से ही चुनाव संबंधी खर्चों के लिए धन जुटा रहे हैं। इस वजह से शहर में नकदी की कमी बढ़ गई।
बैंक और आरबीआई की तैयारी
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बैंक एटीएम में नकदी भरने की प्राथमिकता दे रहे हैं।
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500 रुपये के नोट दुर्लभ होने के कारण बैंक ब्रांच में भी कैश की उपलब्धता सीमित है।
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बैंकरों ने संकट से निपटने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से मदद मांगी है।
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ग्राहकों को डिजिटल बैंकिंग का अधिक उपयोग करने की सलाह दी जा रही है।
विशेषज्ञ की राय
एमएस महाबलेश्वर, पूर्व सीईओ, कर्नाटक बैंक, का कहना है कि कैश निकासी में लगातार वृद्धि आमतौर पर शुरुआती चेतावनी संकेत के रूप में देखी जाती है। आरबीआई इस पर कड़ी नजर रखता है और जरूरत पड़ने पर नीतिगत उपाय अपनाता है।
नोट: इस समय बेंगलुरु में एटीएम से बड़े नोट मिलना दुर्लभ है, इसलिए नागरिकों से सलाह दी जा रही है कि डिजिटल लेन-देन का अधिक से अधिक इस्तेमाल करें।
