Wednesday, February 25

✈️ ‘बीमार’ है तेजस? वायु शक्ति युद्धाभ्यास से बाहर रह सकता है स्वदेशी फाइटर जेट

नई दिल्ली, 25 फरवरी 2026: भारत के स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान (LCA) HAL Tejas को हाल के दिनों में तकनीकी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। ताजा घटनाक्रम के बाद यह आशंका जताई जा रही है कि तेजस 27 फरवरी को होने वाले ‘वायु शक्ति’ युद्धाभ्यास के मुख्य कार्यक्रम से बाहर रह सकता है।

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सूत्रों के मुताबिक, इस महीने की शुरुआत में हुए एक जमीनी हादसे के बाद से तेजस बेड़ा गहन तकनीकी जांच से गुजर रहा है और दो सप्ताह से अधिक समय से उड़ान नहीं भर रहा।

🔎 फुल ड्रेस रिहर्सल से दूरी

राजस्थान के पोखरण में आयोजित ‘वायु शक्ति’ अभ्यास की फुल ड्रेस रिहर्सल में तेजस शामिल नहीं हुआ। यह अभ्यास भारतीय वायुसेना की मारक क्षमता, त्वरित आक्रमण और ऑपरेशनल प्रभुत्व को प्रदर्शित करने का मंच है।

इस बार कार्यक्रम की मुख्य अतिथि होंगी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, जो तीनों सेनाओं की सर्वोच्च कमांडर हैं।

🛠️ क्या हुआ था हादसे में?

रिपोर्ट्स के अनुसार 7 फरवरी को एक तेजस विमान ने एयरबेस से टेक-ऑफ के दौरान अचानक तकनीकी खराबी का सामना किया।
प्रारंभिक आकलन में संदेह जताया गया है कि ब्रेक सिस्टम में खराबी आई, जिससे टायर फट गया और विमान रनवे से बाहर निकल गया।

इसे उड़ान के दौरान नहीं, बल्कि जमीन पर हुई घटना के रूप में वर्गीकृत किया गया है। हालांकि विमान को संरचनात्मक नुकसान पहुंचने की खबर है और संभावना जताई जा रही है कि उसे ‘बियॉन्ड इकोनॉमिक रिपेयर’ घोषित किया जा सकता है।

🏭 HAL का बयान

विमान का निर्माण करने वाली कंपनी Hindustan Aeronautics Limited (HAL) ने इसे ‘मामूली तकनीकी खराबी’ बताया था और कहा था कि वह भारतीय वायुसेना के साथ मिलकर समस्या के समाधान पर काम कर रही है।

यह बेड़ा HAL द्वारा भारतीय वायुसेना को आपूर्ति किए गए 32 सिंगल-सीटर एलसीए विमानों में से है। उल्लेखनीय है कि एलसीए बेड़े से जुड़ी यह तीसरी बड़ी घटना है।

🛡️ वायु शक्ति अभ्यास पर असर?

‘वायु शक्ति’ युद्धाभ्यास भारतीय वायुसेना की सामरिक क्षमता का सार्वजनिक प्रदर्शन है। इस बार इसमें ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान किए गए सफल हवाई अभियानों को भी दिखाया जाना है।

ऐसे में तेजस का संभावित रूप से अनुपस्थित रहना स्वदेशी रक्षा परियोजनाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर सकता है। हालांकि आधिकारिक तौर पर वायुसेना ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है।

❓ क्या यह अस्थायी बाधा है?

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी जांच एक नियमित प्रक्रिया है और सुरक्षा सर्वोपरि है। यदि समस्या सीमित दायरे की है तो तेजस जल्द ही दोबारा उड़ान भर सकता है।

फिलहाल, सभी निगाहें 27 फरवरी के मुख्य कार्यक्रम पर टिकी हैं—क्या तेजस आसमान में दहाड़ेगा या जमीन पर ही रहेगा?

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