Saturday, February 21

गलगोटिया वाला नहीं, ये भारत का असली रोबो डॉग: PARAM ने सबका दिल जीता

नई दिल्ली: India AI Impact Summit 2026 में गलगोटिया यूनिवर्सिटी द्वारा चीन के रोबो डॉग को अपना बताकर विवाद में घिरी थी, वहीं बेंगलुरु की स्टार्टअप कंपनी जनरल ऑटोनॉमी ने भारत में बनाए गए अपने रोबोट डॉग ‘PARAM’ को पेश कर सबका ध्यान खींचा।

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कंपनी का दावा है कि PARAM को बाहर से लाकर असेंबल नहीं किया गया, बल्कि इसे भारतीय इंजीनियरों ने शून्य से विकसित किया। इसे भारत का सबसे ताकतवर देसी रोबोट डॉग बताते हुए स्टार्टअप ने कहा, “असेंबल नहीं किया गया, खरीदा नहीं गया, भारत में बनाया गया, भारतीयों ने बनाया। हमारे देश के लिए, हमारी सदी के लिए, हमारी दुनिया के लिए।”

PARAM की खासियत

  • ऑटोनॉमस नेविगेशन: PARAM बिना किसी रुकावट के ट्रैफिक में चल सकता है और गिरने पर खुद ही खड़ा हो जाता है।

  • सीढ़ियां और बाधाएं पार करना: यह 30 सेंटीमीटर ऊंची सीढ़ियां चढ़ सकता है और नीची जगहों से केकड़े जैसी चाल से निकल सकता है।

  • सेंसिंग और इंटरैक्शन: PARAM ने बेंगलुरु में एक सड़क पर घूमते कुत्ते के साथ बातचीत भी की, जो उसकी सेंसिंग और मूवमेंट क्षमता दिखाता है।

  • डेवलपमेंट: इस रोबोट का डेवलपमेंट पिछले सात महीनों से चल रहा है, और इसे हर दो हफ्ते में और बेहतर बनाया जा रहा है।

कब आएगा बाजार में?

स्टार्टअप ने बताया कि अभी तक मार्केट लॉन्च की तारीख तय नहीं की गई है, लेकिन PARAM के विकास और परीक्षण को देखकर लगता है कि यह जल्द ही भारतीय मार्केट में लोगों की मदद करता नजर आएगा।

NBT नजरिया: गलगोटिया विवाद के बीच PARAM ने यह दिखा दिया कि भारत में देसी इनोवेशन और टेक्नोलॉजी भी किसी विदेशी प्रोडक्ट से पीछे नहीं है।

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