
नई दिल्ली: हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए डीजीसीए (DGCA) ने नए सख्त नियम जारी किए हैं। अब अगर कोई यात्री हवाई जहाज में नशे में बदसलूकी करता है या किसी को पीटता है, तो उसे जीवनभर के लिए उड़ानों में यात्रा करने से रोका जा सकता है। यह नियम तुरंत प्रभाव से लागू हो गए हैं।
DGCA का नया ‘नो टॉलरेंस’ मसौदा
डीजीसीए ने यात्रियों के अनुचित व्यवहार से निपटने के लिए नया मसौदा तैयार किया है। इसका उद्देश्य हवाई जहाज, यात्रियों और एयरलाइंस की संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करना और हवाई यात्रा के दौरान अनुशासन बनाए रखना है। DGCA के प्रमुख फैज अहमद किदवई ने कहा कि अब सभी एयरलाइंस को SOP (Standard Operating Procedure) तैयार करनी होगी, जो एयरपोर्ट और फ्लाइट दोनों जगहों पर लागू होगी। यह SOP एयरलाइंस के उन सभी कर्मचारियों तक फैलानी होगी जो यात्रियों से सीधे संपर्क में आते हैं।
गलत व्यवहार की पहचान और रोकथाम
मसौदे के अनुसार, एयरलाइंस को ऐसी व्यवस्था करनी होगी जिससे चेक-इन, लाउंज, बोर्डिंग गेट या टर्मिनल बिल्डिंग में किसी भी जगह पर यात्रियों के गलत व्यवहार का तुरंत पता लगाया जा सके। ऐसे मामलों को तुरंत एयरपोर्ट पर मौजूद कानून प्रवर्तन एजेंसी को रिपोर्ट किया जाएगा और हवाई जहाज में चढ़ने से रोका जाएगा।
गलत व्यवहार के चार स्तर
भारत के नए ‘नो फ्लाई’ नियमों में गलत व्यवहार को चार स्तरों में बांटा गया है:
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पहला स्तर: हाव-भाव दिखाना, मौखिक रूप से परेशान करना, नशे में बदसलूकी करना।
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दूसरा स्तर: शारीरिक दुर्व्यवहार जैसे धक्का देना, लात मारना, पीटना, अनुचित स्पर्श या यौन उत्पीड़न।
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तीसरा स्तर: जानलेवा व्यवहार जैसे हवाई जहाज के सिस्टम को नुकसान पहुंचाना, गला घोंटना या जान से मारने की कोशिश।
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चौथा स्तर: फ्लाइट क्रू के कंपार्टमेंट में घुसने या घुसने की कोशिश।
अपील की अनुमति नहीं
नए नियमों के तहत गृह मंत्रालय DGCA और एयरलाइंस को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा माने जाने वाले व्यक्तियों की लिस्ट दे सकता है। इस लिस्ट में शामिल यात्रियों पर कोई अपील का प्रावधान नहीं होगा। प्रतिबंध तब तक लागू रहेगा जब तक गृह मंत्रालय उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा मानता है।
नियम विदेशी एयरलाइंस पर भी लागू
मसौदे के अनुसार, ‘नो फ्लाई’ नियम भारत आने-जाने वाली सभी उड़ानों पर लागू होंगे, चाहे वह भारतीय एयरलाइंस हों या विदेशी एयरलाइंस, यदि वे ऐसे मामलों की रिपोर्ट करती हैं।
