Wednesday, February 18

राजपाल यादव केस: वकील का दावा- 40 करोड़ की संपत्ति सरेंडर, शिकायतकर्ता का इरादा दुर्भावनापूर्ण

नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव 9 करोड़ रुपये के चेक बाउंस मामले में तिहाड़ जेल से बाहर आ चुके हैं। दिल्ली हाई कोर्ट से 18 मार्च तक अंतरिम जमानत मिलने के बाद अभिनेता की ओर से पहली बार उनके वकील ने शिकायतकर्ता पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वकील ने दावा किया कि शिकायतकर्ता का उद्देश्य केवल पैसा वसूलना नहीं, बल्कि अभिनेता को जेल भेजना है।

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राजपाल यादव को मंगलवार रात तिहाड़ जेल से रिहा किया गया, जिसके बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए उन्हें समर्थन देने वालों का आभार जताया।

वकील बोले- शिकायतकर्ता का इरादा दुर्भावनापूर्ण

राजपाल यादव के वकील भास्कर उपाध्याय ने मीडिया से बातचीत में कहा कि शिकायतकर्ता अभिनेता के खिलाफ दुर्भावनापूर्ण मानसिकता रखता है। उन्होंने बताया कि यह मामला जितना बाहर से पैसों का दिखता है, असल में उतना सीधा नहीं है।

वकील ने कहा कि शिकायतकर्ता का मकसद राजपाल यादव को जेल भेजकर मानसिक और सामाजिक रूप से नुकसान पहुंचाना है।

40 करोड़ की संपत्ति के दस्तावेज कोर्ट में जमा करने का दावा

वकील ने यह भी दावा किया कि राजपाल यादव ने पहले ही अपनी 40 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्ति के मूल दस्तावेज (Original Documents) अदालत में जमा कर दिए थे। उन्होंने कहा कि अभिनेता ने अदालत के समक्ष यह स्पष्ट किया था कि वह बकाया राशि चुकाने को तैयार हैं।

भास्कर उपाध्याय ने कहा,
“राजपाल यादव ने अपनी संपत्ति के ओरिजनल डॉक्यूमेंट्स जमा किए थे और बताया था कि उनकी संपत्ति 40 करोड़ रुपये से ज्यादा की है। इसके बावजूद शिकायतकर्ता ने कहा कि हमें ये नहीं चाहिए, उन्हें जेल भेजिए।”

कानूनी पेचीदगियों को नहीं समझते अभिनेता: वकील

वकील ने बताया कि राजपाल यादव एक पारिवारिक व्यक्ति हैं और कानूनी प्रक्रियाओं की जटिलता को पूरी तरह नहीं समझते। उन्होंने कहा कि एक फिल्म फ्लॉप होने के बाद अभिनेता पर आर्थिक दबाव बढ़ गया और इसी वजह से उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ा।

वकील का दावा- 2.5 करोड़ का इंतजाम हो चुका

राजपाल यादव के वकील ने यह भी कहा कि बकाया भुगतान को लेकर अब तक 2.5 करोड़ रुपये का इंतजाम कर लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभिनेता पर 5 करोड़ रुपये चुकाने का दबाव था, जिस पर राजपाल यादव ने कभी आपत्ति नहीं जताई।

प्रोडक्शन हाउस का निवेश, निजी कर्ज नहीं: वकील

वकील ने यह भी कहा कि 5 करोड़ रुपये की रकम अभिनेता द्वारा व्यक्तिगत कर्ज के रूप में नहीं ली गई थी, बल्कि यह एक फिल्म में प्रोडक्शन हाउस द्वारा निवेश की गई राशि थी। हालांकि, इस दावे पर शिकायतकर्ता पक्ष ने अलग बात कही है।

शिकायतकर्ता माधव गोपाल ने किया इनकार

मामले में शिकायतकर्ता और मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के मालिक माधव गोपाल अग्रवाल ने भी बयान दिया है। उन्होंने एक इंटरव्यू में दावा किया कि उन्होंने किसी फिल्म में निवेश नहीं किया था, बल्कि यह रकम व्यक्तिगत लेन-देन के तहत दी गई थी।

उन्होंने कहा कि यदि यह निवेश होता, तो पर्सनल गारंटी और चेक नहीं दिए जाते।

राजपाल यादव के भाई बोले- अब हमारे अच्छे दिन आएंगे

जेल से बाहर आने के बाद राजपाल यादव के भाई चंद्रपाल भी मीडिया के सामने आए। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा,
“हमें किसी से कोई शिकायत नहीं है… जो दिन थे वो हमारे दिन थे, अब हमारे अच्छे दिन आने वाले हैं।”

राजपाल यादव बोले- जनता मेरे साथ रही

राजपाल यादव ने कहा कि यह मामला 2012-13 से चल रहा है और 2026 तक वह लगभग 250 फिल्में कर चुके हैं। उन्होंने जनता और कोर्ट का धन्यवाद करते हुए कहा कि वह हमेशा न्यायालय के आदेशों का पालन करते आए हैं और आगे भी करेंगे।

18 मार्च को अगली सुनवाई

दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा दी गई अंतरिम जमानत के अनुसार राजपाल यादव 18 मार्च तक बाहर रहेंगे और उसी दिन इस मामले की अगली सुनवाई होगी।

फिलहाल यह मामला अब और ज्यादा चर्चा में आ गया है, क्योंकि दोनों पक्षों की दलीलें एक-दूसरे के बिल्कुल विपरीत हैं और अदालत में अब इस विवाद की असल सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।

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