
जम्मू, 16 फरवरी 2026 – जम्मू-कश्मीर से भाजपा के राज्यसभा सांसद गुलाम अली खटाना राष्ट्रीय सम्मेलन (NC) और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की आलोचनाओं के घेरे में आ गए हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (MPLAD) के तहत मिलने वाली निधि का अधिकांश हिस्सा अपने राज्य के बजाय उत्तर प्रदेश में विकास कार्यों पर खर्च किया।
94 फीसदी निधि यूपी की योजनाओं में खर्च
गुलाम अली खटाना को सितंबर 2022 में राज्यसभा के लिए मनोनीत किया गया था। सांसद ने आवंटित कुल निधि में से 14.7 करोड़ रुपये खर्च किए। इसके तहत कुल 176 विकास कार्य स्वीकृत हुए, जिनमें से 144 परियोजनाएं उत्तर प्रदेश में की गईं। इस तरह कुल निधि का लगभग 94% उत्तर प्रदेश में खर्च हुआ।
उनकी सिफारिश से उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में 139, पीलीभीत में 3, चंदौली में 1 और बदायूं में 1 परियोजना संचालित की गई। जबकि जम्मू-कश्मीर में उन्होंने जम्मू जिले के लिए 17, सांबा के लिए 6, कठुआ के लिए 1, पुंछ के लिए 6 और राजौरी के लिए 2 परियोजनाओं की सिफारिश की।
PDP और NC ने जताई नाराजगी
नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रवक्ता तनवीर सादिक ने कहा, “जम्मू-कश्मीर से सांसद मनोनीत करने का क्या मतलब है, यदि उनके विकास कोष का 94% हिस्सा उत्तर प्रदेश में चला जाता है? इसका असर जम्मू-कश्मीर के लोगों पर पड़ता है। यह प्रतीकात्मक प्रतिनिधित्व मात्र बनकर रह गया है।”
पीडीपी प्रवक्ता आदित्य गुप्ता ने कहा, “जम्मू को बाहरी लोगों ने धोखा नहीं दिया, बल्कि हमारे सांसदों ने ही हमारे हितों को बेचा है। गुलाम अली खटाना ने अपने फैसले का बचाव किया और कहा कि मैं मनोनीत सांसद हूं, इसलिए देश के किसी भी हिस्से में परियोजनाओं की सिफारिश कर सकता हूं।”
गुलाम अली खटाना का राजनीतिक सफर
गुलाम अली खटाना 2008 में भाजपा में शामिल हुए और 2022 में जम्मू क्षेत्र से राज्यसभा के लिए मनोनीत हुए। खटाना मूल रूप से जम्मू के रहने वाले हैं और गुर्जर समुदाय से आते हैं। उन्हें मनोनीत किया जाना उस समय गुर्जर समुदाय को सशक्त बनाने का कदम बताया गया था।
