
गोपालगंज, 14 फरवरी 2026 – बिहार के गोपालगंज जिले में 2 दिसंबर 2021 को हुए चर्चित अटल पांडेय हत्याकांड में भाकपा माले नेता और इनौस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र पासवान और उनके साथी श्रीराम भगत को जिला जज-12, धीरज कुमार मिश्र की अदालत ने दोषी करार दिया है। कोर्ट ने दोनों को आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई और प्रत्येक पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माना न भरने की स्थिति में एक साल की अतिरिक्त सश्रम सजा भी काटनी होगी।
साथ ही अदालत ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को निर्देश दिया है कि पीड़ित परिवार के लिए मुआवजे की राशि निर्धारित की जाए। फैसला आते ही पुलिस ने दोनों दोषियों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया।
अटल हत्याकांड की पृष्ठभूमि
यह मामला विजयीपुर थाना क्षेत्र के कोरैया गांव का है। जमीन विवाद के चलते दो गुटों में हिंसक झड़प हुई थी। इस दौरान लखनऊ में पढ़ रहे छात्र अटल पांडेय की बेरहमी से चाकू मारकर हत्या कर दी गई। इसी हमले में संजय पांडे, सींटू पांडे और जगदंबा पांडे भी गंभीर रूप से घायल हुए थे।
मृतक के चाचा नागेंद्र पांडे ने कुल 19 लोगों को नामजद किया था। इस हाई-प्रोफाइल मामले में पहले ही पांच आरोपियों को उम्रकैद की सजा मिल चुकी है। अब माले नेता जितेंद्र पासवान और श्रीराम भगत भी सलाखों के पीछे हैं।
वीडियो साक्ष्य ने बदला मामला
कोर्ट में पेश वीडियो साक्ष्य में देखा गया कि जितेंद्र पासवान भीड़ को उकसाते हुए और पीड़ित परिवार के खिलाफ भड़काऊ भाषण देते पाए गए। अदालत ने इसे गंभीर अपराध मानते हुए सख्त सजा सुनाई। हालांकि, बचाव पक्ष के अधिवक्ता अजातशत्रु ने कहा कि वे इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करेंगे।
निष्कर्ष
गोपालगंज अटल हत्याकांड ने न केवल इलाके में बल्कि पूरे बिहार में सुरक्षा और कानून की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए थे। आज कोर्ट ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि ऐसे गंभीर अपराधों में कोई भी अपराधी कानून से बाहर नहीं रह सकता।
