
अंबाला: UPSC परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए अंबाला की बेटी आकृति सेठी की कहानी प्रेरणादायक है। पांच बार प्रीलिम्स में फेल होने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और छठे प्रयास में IAS अधिकारी बनने का सपना पूरा किया।
DU से ग्रेजुएशन, फिर यूपीएससी की राह
आकृति सेठी ने अपनी शुरुआती पढ़ाई के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन पूरा किया। इसके बाद उन्होंने एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी भी शुरू कर दी। यूपीएससी के बारे में उन्हें पहले जानकारी नहीं थी, लेकिन एक रिश्तेदार की सलाह पर उन्होंने तैयारी शुरू की।
2017 में पहला प्रयास, 5 बार प्रीलिम्स में असफल
साल 2017 में पहली बार UPSC परीक्षा देने के बाद आकृति प्रीलिम्स में फेल हुईं। अगले साल भी परिणाम समान रहा। इसके बाद तीन और प्रयास और असफल रहे। 2021 तक पांच बार प्रीलिम्स पास नहीं हो पाया, लेकिन आकृति ने हिम्मत नहीं हारी।
पिता का सहयोग और आत्मविश्वास
संकट और असफलताओं के बीच आकृति को अपने पिता का भरपूर सहयोग मिला। उनके प्रोत्साहक शब्दों ने आकृति का आत्मविश्वास बढ़ाया और हर बार असफलता के बाद फिर से खड़े होने की प्रेरणा दी।
जिद और जुनून से साधा लक्ष्य
लगातार असफलताओं के बावजूद आकृति ने जिद और जुनून के साथ तैयारी जारी रखी। 2022 में अपने छठे प्रयास में उन्होंने अनुशासन और मेहनत से कदम बढ़ाए और 249वीं रैंक हासिल कर IAS अधिकारी बनीं।
युवाओं के लिए प्रेरणा
आकृति की सफलता ने उनके पिता का मान बढ़ाया और लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई। उनकी कहानी यह सिखाती है कि असफलताएं सीखने का मौका हैं, और लगातार मेहनत, आत्मविश्वास और जिद के साथ प्रयास करने वालों की ही जीत होती है।
छात्रों के लिए संदेश: हार न मानें, धैर्य और मेहनत से सपने जरूर पूरे होते हैं।
