
हैदराबाद। तेलुगू सिनेमा के लोकप्रिय और भरोसेमंद सितारों में शुमार दग्गुबाती वेंकटेश (विक्ट्री वेंकटेश) न केवल अपनी दमदार अभिनय क्षमता के लिए जाने जाते हैं, बल्कि फिल्मों की कहानी को परखने की उनकी समझ भी उन्हें अन्य कलाकारों से अलग बनाती है। अमेरिका से MBA की पढ़ाई कर चुके वेंकटेश का सफर फिल्मी दुनिया तक पहुंचने से पहले बिल्कुल अलग दिशा में था, लेकिन किस्मत उन्हें भारतीय सिनेमा के सबसे सफल अभिनेताओं में ले आई।
वेंकटेश का करियर करीब 37 वर्षों से अधिक समय से लगातार सफल रहा है और इस दौरान उन्होंने कई सुपरहिट फिल्मों में काम किया।
MBA करने के बाद फिल्ममेकिंग में आजमाया हाथ
रिपोर्ट्स के मुताबिक, वेंकटेश ने अमेरिका से एमबीए करने के बाद भारत लौटकर फिल्म निर्माण के क्षेत्र में हाथ आजमाने की कोशिश की थी। हालांकि, समय के साथ उन्होंने अभिनय को अपना करियर बना लिया और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा।
‘राधे श्याम’ के लिए पहली पसंद थे वेंकटेश
प्रभास और पूजा हेगड़े की चर्चित फिल्म ‘राधे श्याम’ को लेकर एक रोचक जानकारी सामने आई है। बताया गया कि फिल्म की कहानी को लेकर निर्देशक चंद्र शेखर येलेटी ने पहले वेंकटेश से संपर्क किया था और उन्हें मुख्य भूमिका के लिए प्रस्ताव दिया गया था।
लेकिन वेंकटेश को फिल्म की कहानी खास पसंद नहीं आई और उन्होंने इस प्रोजेक्ट में रुचि नहीं दिखाई।
कहानी के राइट्स बेचने पड़े
वेंकटेश के इनकार के बाद चंद्र शेखर येलेटी दुविधा में पड़ गए। इसके बाद उन्होंने फिल्म की कहानी के अधिकार निर्देशक राधा कृष्ण कुमार को बेच दिए। फिर राधा कृष्ण कुमार ने प्रभास को इस फिल्म में शामिल किया और फिल्म का निर्माण शुरू हुआ।
‘राधे श्याम’ बनी बॉक्स ऑफिस पर बड़ी फ्लॉप
वर्ष 2022 में रिलीज हुई ‘राधे श्याम’ एक पीरियड रोमांटिक ड्रामा फिल्म थी, जिसे तेलुगू और हिंदी में एक साथ शूट किया गया। फिल्म का बजट करीब 350 करोड़ रुपये बताया गया, जबकि यह दुनिया भर में लगभग 140 से 214 करोड़ रुपये के बीच ही कमाई कर सकी। इसी कारण इसे उस साल की बड़ी फ्लॉप फिल्मों में गिना गया।
5 बार नंदी पुरस्कार से सम्मानित
दग्गुबाती वेंकटेश को उनके शानदार अभिनय और योगदान के लिए 5 बार नंदी पुरस्कार मिल चुका है। यह पुरस्कार आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा तेलुगू सिनेमा, रंगमंच और टेलीविजन में उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रदान किए जाते हैं।
1986 में किया डेब्यू, दर्जनों हिट फिल्में
वेंकटेश ने वर्ष 1986 में फिल्म ‘कलियुग पांडावुलु’ से अपने करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने ‘क्षण क्षणम’, ‘बोब्बिली राजा’, ‘ध्रुव नक्षत्रम’ सहित कई यादगार फिल्मों में अभिनय कर दर्शकों के बीच अपनी मजबूत पहचान बनाई।
1985 में की इंटरकास्ट शादी, परिवार को रखते हैं लाइमलाइट से दूर
व्यक्तिगत जीवन की बात करें तो वेंकटेश ने वर्ष 1985 में नीरजा रेड्डी से शादी की थी। उस दौर में भी उन्होंने इंटरकास्ट मैरिज कर समाज में एक साहसिक उदाहरण पेश किया। उनके चार बच्चे हैं, जिनमें तीन बेटियां और एक बेटा शामिल है। वेंकटेश अपने परिवार को हमेशा मीडिया और लाइमलाइट से दूर रखते हैं।
बॉलीवुड में भी बनाई पहचान, प्रोडक्शन कंपनी के सह-मालिक
वेंकटेश ने ‘अनाड़ी’, ‘तकदीरवाला’ जैसी बॉलीवुड फिल्मों में भी काम किया है। अभिनय के साथ-साथ वे भारत की बड़ी फिल्म निर्माण कंपनियों में से एक ‘सुरेश प्रोडक्शंस’ के सह-मालिक भी हैं।
आने वाली फिल्मों को लेकर भी चर्चा
खबरों के मुताबिक वेंकटेश जल्द ही निर्देशक अनिल रविपुडी की फिल्म में चिरंजीवी के साथ नजर आ सकते हैं। इसके अलावा, वे त्रिविक्रम श्रीनिवास की आगामी फिल्म ‘आदर्श कुटुंबम हाउस नंबर 47’ का भी हिस्सा हैं। चर्चा यह भी है कि उन्होंने ‘दृश्यम 3’ के तेलुगू संस्करण के लिए भी हामी भर दी है।
