
नई दिल्ली, 11 फरवरी: देश की प्रमुख स्वास्थ्य संस्थाओं में शुमार दिल्ली एम्स ने 2025 में अपने जनरल सर्जरी डिपार्टमेंट के जरिए एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। एम्स के अनुसार, एक साल में 10 हजार से ज्यादा बड़ी सर्जरी और 17 हजार से ज्यादा माइनर ऑपरेशन किए गए। इसमें कैंसर से लेकर किडनी ट्रांसप्लांट तक की सर्जरी शामिल है।
एम्स के सर्जरी विभाग के एचओडी डॉ. सुनील चुंबर ने कहा, “यह उपलब्धि हमारी टीम वर्क और नई तकनीक जैसे रोबोटिक और लेप्रोस्कोपिक सर्जरी का परिणाम है, जिससे ऑपरेशन में तेजी और सफलता दोनों बढ़ी हैं।”
सर्जरी विभाग के आंकड़े:
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2025 में भर्ती मरीज: 11,921
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बड़ी सर्जरी: 10,096
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माइनर ऑपरेशन: 17,408
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इलेक्टिव सर्जरी में मृत्यु दर: 0.3%
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इमरजेंसी सर्जरी में मृत्यु दर: 7.89%
ट्रांसप्लांट में भी नया रिकॉर्ड:
एम्स मदर ऑफ ट्रांसप्लांट सेंटर बन चुका है। 2025 में 1,100 से ज्यादा ट्रांसप्लांट और संबंधित सर्जरी की गई, जिनमें किडनी ट्रांसप्लांट और डोनर सर्जरी प्रमुख हैं। मरीजों की उम्र के अनुसार 20 साल से कम उम्र के मरीज 18%, 20–60 साल 71%, और 60 साल से ऊपर 10.6% रहे।
सर्जरी का वितरण:
अधिकतर पेट संबंधी बीमारियों की सर्जरी की गई, जिनमें लिवर, पैक्रियाज और पित्त की नली शामिल हैं। सर्जरी विभाग में 5 से बढ़ाकर 8 ऑपरेशन थिएटर किए गए हैं, जिनमें 7 प्लान्ड और 1 इमरजेंसी ऑपरेशन के लिए रिजर्व है।
एम्स की इस उपलब्धि से न केवल मरीजों को राहत मिली है, बल्कि लगभग 1,000 मेडिकल स्टूडेंट्स को आधुनिक सर्जरी की ट्रेनिंग भी मिली, जो देशभर में मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में योगदान दे रही है।
