
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार का दसवां बजट बुधवार को विधानसभा में पेश कर दिया गया। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने इस बजट का आकार 9,12,696 करोड़ रुपये बताया। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले यह योगी सरकार का अंतिम बजट है और इसे अब तक का सबसे बड़ा बजट करार दिया जा रहा है।
मुख्य घोषणाएँ:
-
रोजगार और बुनियादी ढांचे पर जोर।
-
50 लाख करोड़ रुपये के एमओयू साइन किए गए।
-
निवेश से 10 लाख रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
-
उत्तर प्रदेश में 65% मोबाइल उत्पादन का लक्ष्य।
-
6 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर लाने का लक्ष्य।
-
2815 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य।
-
नॉर्थ-ईस्ट कॉरिडोर सड़कों का निर्माण।
-
जिला अस्पतालों में ट्रॉमा सेंटर की स्थापना।
-
सारनाथ और हस्तिनापुर के विकास के लिए बजट प्रावधान।
-
अस्पतालों में इमरजेंसी सेंटर की स्थापना।
-
एआई परियोजनाओं के लिए 225 करोड़ रुपये का आवंटन।
-
सड़क निर्माण के लिए 34,000 करोड़ रुपये का प्रावधान।
-
एमएसएमई सेक्टर के लिए 3,822 करोड़ रुपये।
-
ऊर्जा क्षेत्र के लिए 65,926 करोड़ रुपये।
-
सड़क चौड़ीकरण के लिए 3,700 करोड़ रुपये।
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि यह बजट जनता की अपेक्षाओं, प्रदेश के विकास की जरूरतों और सुशासन की प्रतिबद्धता को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है।
बजट में निवेश और रोजगार बढ़ाने की योजनाओं के जरिए योगी सरकार ने प्रदेश के विकास की दिशा में ठोस कदम उठाने का संदेश दिया है।
