Tuesday, February 10

बिहार पुलिस में ‘नो रील्स’ पॉलिसी: ड्यूटी पर मोबाइल चलाया तो निलंबन की गाज

पटना: बिहार पुलिस मुख्यालय ने ड्यूटी के दौरान मोबाइल पर रील देखने या बनाने वाले पुलिसकर्मियों के लिए सख्त आदेश जारी किया है। राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) विनय कुमार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वर्दी में ड्यूटी के दौरान मोबाइल का अनावश्यक इस्तेमाल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

This slideshow requires JavaScript.

नए निर्देशों के तहत, ड्यूटी के समय रील बनाने या देखने वाले पुलिसकर्मियों पर तत्काल विभागीय कार्रवाई और निलंबन की संभावना रहेगी। यह कदम पुलिस की छवि सुधारने और कार्यशैली में पारदर्शिता लाने के लिए उठाया गया है।

डीजीपी के निर्देश: आचरण सुधारने का अभियान

डीजीपी विनय कुमार ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और पुलिस की छवि सुधारने के लिए सख्त कदम जरूरी हैं। इसके तहत:

  • थानों में पुलिसकर्मियों को मोबाइल पर रील देखने या चैटिंग करने की अनुमति नहीं होगी।

  • थानों में दलालों और बिचौलियों की गतिविधियों पर पूरी रोक

  • सभी पुलिसकर्मियों को निर्देश कि वर्दी में ली गई फोटो ही व्हाट्सऐप डिस्प्ले पिक्चर में लगाई जाए।

  • थानों में विजिटर रजिस्टर अनिवार्य कर आगंतुकों का विवरण दर्ज करना।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने बिगाड़ी पुलिस की छवि

हाल के हफ्तों में पुलिसकर्मियों के दुर्व्यवहार से जुड़े कई वीडियो और तस्वीरें वायरल हुईं, जिससे पुलिस की छवि प्रभावित हुई। इसके बाद मुख्यालय ने निलंबन और पुलिस लाइन ट्रांसफर जैसी कड़ी कार्रवाई की।

हालिया मामलों में हुई कार्रवाई

  • नालंदा: आंगनबाड़ी सेविका को थप्पड़ मारने का वीडियो वायरल होने पर संबंधित पुलिस अधिकारी को निलंबित किया गया।

  • पटना: एक व्यक्ति को थप्पड़ मारने पर महिला पुलिसकर्मी को पुलिस लाइन भेजा गया।

  • सारण: महिला से बदसलूकी के मामले में एक पुलिस कांस्टेबल को सस्पेंड किया गया।

डीजीपी विनय कुमार का संदेश साफ है:

“किसी भी स्तर पर दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिसकर्मी अपने कर्तव्य का पालन करें और वर्दी का सम्मान करें।”

बिहार पुलिस अब अपने आचरण और अनुशासन में सुधार के लिए सख्त कदम उठा रही है, ताकि जनता का भरोसा बनाए रखा जा सके।

Leave a Reply