
बेंगलुरु/नई दिल्ली: भारतीय半कंडक्टर उद्योग में एक बड़ी सफलता मिली है। दिग्गज कंपनी क्वालकॉम ने अपने भारतीय इंजीनियरिंग केंद्रों—बेंगलुरु, चेन्नई और हैदराबाद—में 2nm (नैनोमीटर) चिप का डिजाइन विकसित किया है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस उपलब्धि को देखा और इसे भारतीय तकनीकी परिदृश्य में मील का पत्थर बताया।
2nm चिप को नेक्स्ट-जेनरेशन सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी कहा जाता है। इसकी ट्रांजिस्टर डेंसिटी बेहद अधिक है, जिससे यह मौजूदा 3nm और 5nm चिपसेट्स की तुलना में बेहतर प्रदर्शन और 45% कम ऊर्जा खपत प्रदान कर सकती है।
क्वालकॉम के मुताबिक, इस चिप का उपयोग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सर्वरों, स्मार्टफोन्स, IoT (इंटरनेट ऑफ थिंग्स) और डेटा सेंटरों में किया जा सकेगा। शुरुआती चरण में यह चिप iPhone 18 सीरीज, Google की नई Pixel स्मार्टफोन्स और संभावित रूप से Samsung Galaxy S26 में देखने को मिल सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि 2nm चिप तकनीक भारत को सेमीकंडक्टर डिजाइनिंग और प्रोडक्ट डेवलपमेंट का बड़ा केंद्र बना सकती है। इसके चलते भारत टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में दुनिया के अग्रणी देशों—जैसे अमेरिका और चीन—के समकक्ष खड़ा हो सकता है।
क्वालकॉम के अनुसार, अमेरिका के बाहर भारत ही उनका सबसे बड़ा इंजीनियरिंग टैलेंट पूल है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसे भारत के डिजाइन इकोसिस्टम की मजबूती और भविष्य में वैश्विक प्रतिस्पर्धा में इसकी भूमिका के रूप में महत्वपूर्ण बताया।
इस टेप-आउट (चिप डिजाइन की अंतिम स्टेज) की सफलता से यह स्पष्ट होता है कि भारत सेमीकंडक्टर क्षेत्र में तेजी से उभर रहा है, और आने वाले वर्षों में यह देश की तकनीकी ताकत को नई ऊँचाइयों पर ले जाएगा।
