
पुणे/सोलापुर। महाराष्ट्र में जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों की वोटिंग के बाद सोलापुर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए। मोहोल शहर में एक ढाबे के पास खड़ी कार में दो इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) मिलने से राजनीतिक हलकों में हड़कंप मच गया और कई दलों ने चुनाव में छेड़छाड़ की आशंका जताई।
इस विवाद के बाद अब महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग ने पूरे मामले पर चुप्पी तोड़ते हुए आधिकारिक बयान जारी किया है और स्थिति स्पष्ट की है।
कार में EVM मिलने के बाद गरमाई राजनीति
शनिवार को महाराष्ट्र में 12 जिला परिषदों और 125 पंचायत समितियों के लिए मतदान कराया गया। मतदान के बाद शनिवार आधी रात के करीब सोलापुर जिले के मोहोल शहर में होटल स्वराज्य के पास चुनाव ड्यूटी पर तैनात एक अधिकारी के लिए किराए पर ली गई कार में दो EVM मिलने की जानकारी सामने आई।
EVM मिलने के बाद मौके पर भीड़ जुट गई और कुछ राजनीतिक दलों ने चुनाव में गड़बड़ी का आरोप लगाना शुरू कर दिया। इस घटना के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के एक उम्मीदवार ने मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की थी।
चुनाव आयोग ने क्या कहा?
महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग के अनुसार, कार में मिली दोनों EVM रिजर्व (Reserve) मशीनें थीं। यानी ये वे मशीनें थीं जो किसी तकनीकी खराबी या अन्य स्थिति में उपयोग के लिए रखी जाती हैं।
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि ये मशीनें मतदान के लिए इस्तेमाल नहीं की गई थीं। साथ ही जांच में यह भी पाया गया कि दोनों मशीनें सीलबंद (Sealed) अवस्था में थीं, जिससे छेड़छाड़ की संभावना नहीं मानी जा रही है।
स्ट्रॉन्ग रूम में जमा हो चुकी थीं असली EVM
एक अधिकारी ने बताया कि मतदान में उपयोग की गई सभी EVM शनिवार रात 10:30 बजे तक स्ट्रॉन्ग रूम में जमा करा दी गई थीं। इसके बाद रिजर्व मशीनों के कार में पाए जाने की घटना सामने आई।
चुनाव आयोग ने बताया कि सूचना मिलते ही रिटर्निंग अधिकारी, तहसीलदार और पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की गई।
देर से जमा न करने वालों पर होगी कार्रवाई
राज्य चुनाव आयोग ने यह भी कहा कि मोहोल क्षेत्र में जिन जिम्मेदार अधिकारियों ने रिजर्व मशीनों को समय पर जमा नहीं कराया, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
नतीजों से पहले बढ़ी सियासी हलचल
यह विवाद ऐसे समय पर सामने आया है, जब महाराष्ट्र में जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों के नतीजे आने वाले हैं। ऐसे में EVM मिलने की खबर ने माहौल को और ज्यादा संवेदनशील बना दिया है।
हालांकि चुनाव आयोग के बयान के बाद यह स्पष्ट किया गया है कि कार में मिली मशीनें केवल रिजर्व थीं और उनका मतदान में उपयोग नहीं हुआ था, लेकिन विपक्षी दलों द्वारा अभी भी जांच की मांग को लेकर दबाव बनाया जा रहा है।