
वॉशिंगटन/नई दिल्ली: अमेरिका ने शुक्रवार को ईरान पर नए आर्थिक प्रतिबंधों की घोषणा कर दी है। यह कदम ओमान में हाल ही में हुई बातचीत के तुरंत बाद उठाया गया है। नए प्रतिबंध विशेष रूप से ईरान के तेल और पेट्रोकेमिकल कारोबार को निशाना बनाते हैं।
अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट के अनुसार, इन प्रतिबंधों में ईरान से जुड़े 15 कंपनियों और 14 जहाजों को शामिल किया गया है। इन जहाजों और कंपनियों का इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय पाबंदियों का उल्लंघन करते हुए पेट्रोलियम और पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स के ट्रांसपोर्ट के लिए किया जाता रहा है।
स्टेट डिपार्टमेंट के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने कहा, “राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अधिकतम दबाव नीति के तहत यह कदम उठाया गया है। हमारा उद्देश्य ईरान की गैरकानूनी तेल और पेट्रोकेमिकल एक्सपोर्ट गतिविधियों को रोकना और उनके राजस्व स्रोतों को बाधित करना है, जिनका इस्तेमाल तेहरान देश में दमन और क्षेत्रीय अस्थिरता फैलाने के लिए करता है।”
भारतीय कंपनी भी फंस गई
अमेरिकी प्रतिबंधों की सूची में एक भारतीय फर्म एलिवेट मरीन मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड (ELEVATE) का भी नाम शामिल है। इस कंपनी पर आरोप है कि उसने अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का उल्लंघन करते हुए ईरानी पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स को ट्रांसपोर्ट करने वाले जहाज BENEDICT का प्रबंधन किया। अमेरिका के अनुसार, यह जहाज सितंबर और नवंबर 2025 के बीच कम से कम तीन बार ईरानी तेल का परिवहन कर चुका है।
अमेरिका ने साफ कहा है कि वह ईरानी तेल खरीदने या उसके व्यापार में शामिल कंपनियों और देशों के खिलाफ प्रतिबंध जारी रखेगा।