
पटना: पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव को शुक्रवार आधी रात को गिरफ्तार किया गया। सांसद ने दावा किया है कि उनकी गिरफ्तारी हालिया ‘गर्ल्स हॉस्टल कांड’ में उठाए गए सवालों के कारण हुई है। उन्होंने इसे सोची-समझी साजिश बताते हुए बदले की कार्रवाई करार दिया।
पप्पू यादव के मुताबिक, पुलिस की यह कार्रवाई 32 साल पुराने कोर्ट केस की वजह से नहीं बल्कि उनके द्वारा 6 जनवरी को पटना में हुई शंभू गर्ल्स हॉस्टल घटना को लेकर किए गए खुलासों और बयानबाजी की वजह से हुई। गिरफ्तारी के दौरान सांसद ने अपनी जान और सुरक्षा को लेकर चिंता जताई और कहा कि वे पीड़ितों की आवाज़ उठाते रहे, इसलिए उन्हें चुप कराने की कोशिश की जा रही है। स्वास्थ्य बिगड़ने के कारण उन्हें IGIMS से PMCH अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पप्पू यादव ने किया खुलासा
मीडिया से बातचीत में पप्पू यादव ने बताया कि पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में उनके घर पहुंचे और उन्हें सीधे थाने ले जाने की कोशिश की, जबकि उन्हें अदालत में पेश किया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि वे डरे हुए हैं, क्योंकि गिरफ्तारी की प्रक्रिया सामान्य कानूनी ढांचे के खिलाफ रही।
पप्पू यादव पर आरोप है कि उन्होंने 32 साल पहले यानी 1995 में पटना के एक घर को किराए पर लेकर पार्टी ऑफिस खोल लिया था, और उसके बाद उस पर कब्जा कर लिया। मकान मालिक ने इसको लेकर एफआईआर दर्ज कराई थी, जिससे उनकी जमानत टूट गई और पुलिस ने गिरफ्तारी की।
सांसद चंद्रशेखर आजाद ने जताया समर्थन
उत्तर प्रदेश के आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने पप्पू यादव का समर्थन किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा:
“रात के अंधेरे में पूर्णिया के लोकप्रिय सांसद की गिरफ्तारी, बिहार की एनडीए सरकार की डर, दमन और बदले की राजनीति का खुला ऐलान है। बीमारी के बावजूद एक जननेता को निशाना बनाना सत्ता की संवेदनहीनता और क्रूर मानसिकता को उजागर करता है। बिहार की जनता सब समझ रही है।”