
भुवनेश्वर। ओडिशा के भद्रक जिले के रहने वाले मर्चेंट नेवी कैडेट सार्थक महापात्रा (23) के समुद्र में एक जहाज से रहस्यमय तरीके से लापता होने का मामला सामने आने के बाद पूरे राज्य में चिंता और हलचल का माहौल है। यह घटना न केवल परिवार के लिए सदमे जैसी है, बल्कि अब मामला राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर तक भी पहुंच चुका है।
सार्थक के अचानक गायब होने से परिजन बेहद परेशान हैं और उन्होंने केंद्र व राज्य सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। वहीं, ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेडी अध्यक्ष नवीन पटनायक ने भी इसे गंभीर मामला बताते हुए विदेश मंत्रालय और डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ शिपिंग से सार्थक की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने की अपील की है।
मॉरीशस के पास समुद्र में जहाज से गायब हुआ सार्थक
जानकारी के अनुसार, सार्थक महापात्रा मर्चेंट नेवी में डेक कैडेट के रूप में कार्यरत था और वह ‘ईए जर्सी’ नामक जहाज पर तैनात था। यह जहाज मॉरीशस से सिंगापुर की ओर रवाना था। इसी दौरान सार्थक रहस्यमय परिस्थितियों में जहाज से लापता हो गया।
परिवार के अनुसार, सार्थक 14 जुलाई 2025 को इस जहाज पर शामिल हुआ था। कंपनी की ओर से 3 फरवरी 2026 को परिवार को सूचना दी गई कि सार्थक जहाज पर मौजूद नहीं है और उसकी तलाश की जा रही है।
2 फरवरी की रात परिवार से हुई थी बातचीत, मां ने जताया संदेह
सार्थक की मां रसमिता महापात्रा ने बताया कि 2 फरवरी की रात सार्थक ने परिवार से बातचीत की थी और वह पूरी तरह सामान्य तथा खुश नजर आ रहा था। बातचीत में कहीं भी तनाव या परेशानी के संकेत नहीं मिले।
मां के अनुसार, जहाज के कैप्टन देवाशीष पटनायक खुद उनके घर पहुंचे और अगले दिन उन्हें बताया कि सार्थक लापता हो गया है। अधिकारी के अनुसार सार्थक सुबह 6:10 बजे अपने कमरे में गया था, लेकिन जब सुबह 8 बजे उसे नाश्ते के लिए बुलाया गया तो वह नहीं मिला।
हालांकि, मां ने इस दावे पर सवाल उठाते हुए कहा कि मर्चेंट नेवी में आमतौर पर ब्रेकफास्ट कमरे में नहीं किया जाता और यदि कोई बीमार हो तो भोजन कमरे में ही पहुंचाया जाता है।
शिप कंपनी पर उठ रहे सवाल, बयान बदलने के आरोप
सार्थक के दोस्त शाश्वत महालिक ने शिप कंपनी की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी परिवार को स्पष्ट जानकारी देने के बजाय केवल यह कहकर बात टाल रही है कि सार्थक “मिसिंग” है।
दोस्तों और परिजनों का आरोप है कि कंपनी का बयान बार-बार बदल रहा है, जिससे संदेह और गहरा हो रहा है। परिवार लगातार सीसीटीवी फुटेज और वीडीआर रिकॉर्ड की मांग कर रहा है, लेकिन कंपनी का कहना है कि यह डेटा तब तक नहीं मिल सकता जब तक जहाज डॉक पर नहीं पहुंचता।
सीसीटीवी में बाहर जाते दिखा, लेकिन आगे क्या हुआ? कोई जवाब नहीं
परिवार को एक ईमेल के जरिए यह जानकारी भी दी गई कि सार्थक को अपने कमरे से बाहर जाते हुए कैमरे में देखा गया था। लेकिन इसके बाद वह कहां गया और उसके साथ क्या हुआ, इस बारे में अब तक कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है।
यही कारण है कि परिवार और दोस्त इस घटना को लेकर अनहोनी की आशंका जता रहे हैं और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
कंपनी का दावा: ड्यूटी के बाद केबिन में गया, फिर नहीं मिला
शिप कंपनी के अनुसार जहाज पर ड्यूटी का समय सुबह 4 से 8 बजे तक रहता है। कंपनी ने बताया कि 3 फरवरी की सुबह करीब 6 बजे सार्थक ने ड्यूटी छोड़ी और अपने केबिन में चला गया। उसे आखिरी बार सुबह 6:15 बजे के आसपास केबिन में जाते देखा गया। इसके बाद जब वह नहीं मिला तो जहाज पर खोज शुरू की गई।
कंपनी का कहना है कि संबंधित समुद्री एजेंसियों और मॉरीशस के मैरीटाइम रेस्क्यू कोऑर्डिनेशन सेंटर के सहयोग से सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
नवीन पटनायक ने केंद्र सरकार से की अपील
इस घटना के बाद पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने चिंता जताते हुए कहा कि सार्थक महापात्रा के लापता होने की खबर बेहद चिंताजनक है। उन्होंने केंद्र सरकार, विदेश मंत्रालय और डीजी शिपिंग से आग्रह किया कि संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर खोज अभियान को तेज किया जाए और परिवार की मदद की जाए।
मां की भावुक अपील: “मैं बेसहारा मां हूं, मेरा बेटा वापस दिलाइए”
सार्थक की मां रसमिता साहू, जो भुवनेश्वर के एक निजी अस्पताल में कार्यरत हैं, बेटे के लापता होने से बेहद टूट चुकी हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और विदेश मंत्रालय से बेटे को सुरक्षित वापस लाने की गुहार लगाई है।
उन्होंने सोशल मीडिया पर भावुक संदेश लिखते हुए कहा कि वह एक बेसहारा मां हैं और सरकार से तत्काल मदद चाहती हैं।
परिवार को अब भी उम्मीद, जांच की मांग तेज
फिलहाल सार्थक की तलाश जारी है, लेकिन अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया है। परिवार को अब भी उम्मीद है कि सार्थक सुरक्षित होगा और जल्द ही उसे खोज लिया जाएगा। वहीं, मामले में पारदर्शिता की कमी और कंपनी के रवैये को लेकर सवाल लगातार बढ़ते जा रहे हैं।
यह मामला अब केवल एक गुमशुदगी नहीं, बल्कि समुद्र में घटित एक रहस्यमय घटना बन चुका है, जिसका सच सामने आना बेहद जरूरी है।