
गढ़चिरौली: महाराष्ट्र के नक्सली प्रभावित गढ़चिरौली जिले में पुलिस और माओवादी के बीच पिछले तीन दिनों से जारी मुठभेड़ बुधवार रात को समाप्त हुई। इस ऑपरेशन में 25 लाख रुपये का इनामी कमांडर प्रभाकर (असल नाम लोकेटी चंद्र राव) समेत सात नक्सली ढेर कर दिए गए। दुर्भाग्यवश, इस कार्रवाई में C-60 कमांडो दीपक चिनना मडावी शहीद हो गए।
तीन दिन चली कार्रवाई:
छत्तीसगढ़ बॉर्डर के पास फोडेवाड़ा गांव में यह ऑपरेशन 3 फरवरी की रात शुरू हुआ। पुलिस ने गुरुवार रात तीन और शुक्रवार को चार नक्सलियों के शव बरामद किए। इस मुठभेड़ में मारे गए सात नक्सलियों में चार पुरुष और तीन महिलाएं शामिल थीं। उनके पास से तीन AK-47 राइफल, एक SLR और एक .303 राइफल जब्त की गई।
शहीद जवान की बहादुरी:
C-60 कमांडो दीपक चिनना मडावी ने मुठभेड़ में दो नक्सलियों को ढेर किया। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्हें एयरलिफ्ट कर भामरागड़ अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका निधन हो गया। इस दौरान एक अन्य जवान जोगा मडावी भी घायल हुए थे, जिन्हें गढ़चिरौली अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
कौन था प्रभाकर?
प्रभाकर तेलंगाना के कामारेड्डी का रहने वाला था और माओवादियों की गढ़चिरौली डिवीजन कमेटी, वेस्ट सब-जोनल ब्यूरो और ‘कंपनी नंबर 10’ का इंचार्ज था। वह लंबे समय से सुरक्षाबलों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ था और उस पर 25 लाख रुपये का इनाम था।
सुरक्षाबलों की सफलता:
इस त्वरित और निर्णायक ऑपरेशन से नक्सलियों को बड़ा झटका लगा है। सुरक्षा बलों ने मौके से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद जब्त किया है।