
एंथ्रोपिक (Anthropic) के CEO डारियो अमोदेई ने दावोस में चल रहे वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) में एक चौंकाने वाला बयान दिया। उनका कहना है कि आने वाले 6-12 महीनों में सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स की जरूरत लगभग खत्म हो जाएगी, और AI पूरी तरह से सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और कोड लिखने का काम संभाल लेगा।
अमोदेई ने बताया कि उनकी कंपनी के इंजीनियर्स पहले से ही AI मॉडल्स का इस्तेमाल कर कोड लिखवा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सिर्फ शुरुआत है और जल्द ही कोडिंग का पूरा काम AI द्वारा संचालित होगा।
सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स के पास सिर्फ 6-12 महीने
रिपोर्ट्स के अनुसार, अमोदेई ने WEF के एक सेशन में कहा कि सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स के पास अब सिर्फ 6-12 महीने का समय बचा है। उन्होंने कहा कि कोडिंग, जो कभी प्रोग्रामर्स का सबसे मजबूत किला माना जाता था, अब पूरी तरह मशीनों के हाथों में जा सकती है। यह बदलाव अपेक्षा से कहीं तेजी से हो रहा है।
सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट का बदलता कल्चर
अमोदेई ने बताया कि अब वाइब कोडिंग (Vibe Coding) का ट्रेंड बढ़ रहा है। इसका मतलब है कि लोग अब मुश्किल प्रोग्रामिंग लैंग्वेज सीखने की बजाय साधारण भाषा में निर्देश देकर ऐप या सॉफ्टवेयर बना रहे हैं। उन्होंने यह भी भविष्यवाणी की कि 2026-27 तक AI मॉडल नोबेल पुरस्कार विजेताओं के स्तर का काम करने लगेंगे। हालांकि, उन्होंने माना कि चिप निर्माण और ट्रेनिंग जैसे कामों में समय लगता है।
एंथ्रोपिक और Claude की बढ़ती ताकत
एंथ्रोपिक का Claude अब सबसे कुशल कोडिंग टूल बन चुका है। यह सिर्फ चैटबॉट की तरह नहीं, बल्कि एजेंट की तरह पूरे वर्कफ्लो को संभाल सकता है। कंपनी ने हाल ही में क्लाउड कोड और कंप्यूटर यूज जैसे फीचर्स पेश किए हैं, जो स्वतंत्र रूप से कंप्यूटर चला सकते हैं और रीयल-टाइम में कोड रेंडर कर सकते हैं।
इस प्रगति ने साफ कर दिया है कि आने वाले समय में सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट का परिदृश्य पूरी तरह बदलने वाला है, और इंसानों की जगह AI लेने को तैयार है।