
नई दिल्ली: लोकसभा में नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने जानकारी दी है कि भारत के एविएशन रेगुलेटर की ऑडिट रिपोर्ट में 754 विमानों में से 377 विमान में बार-बार गड़बड़ियां पाई गई हैं। सबसे ज्यादा दिक्कतें एयर इंडिया और इंडिगो के विमानों में देखी गईं।
कौन-कौन से विमानों में समस्या
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इंडिगो: 405 विमानों में से 148 में लगातार दिक्कतें
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एयर इंडिया: 166 विमानों में से 137 में समस्या
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एयर इंडिया एक्सप्रेस: 101 में से 54
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स्पाइसजेट: 43 में से 16
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आकासा एयर: 32 में से 14
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एयरलाइंस एयर: 8 विमानों में समस्या
क्यों हो रही चिंता
संसद को बताया गया कि गड़बड़ियों में सभी सुरक्षा संबंधी नहीं होतीं। इनमें कई सामान्य तकनीकी खामियां भी शामिल हैं, जैसे सीट टूटा होना, फ्लाइट स्क्रीन काम न करना या खिड़कियों में दिक्कत। हालांकि, विमानों में बार-बार आने वाली तकनीकी खराबियां सुरक्षा पर सवाल उठाती हैं।
ऑडिट का दायरा
2025 में रेगुलेटर ने कुल 3,890 विमानों का सर्विलांस इंस्पेक्शन, 56 रेगुलेटरी ऑडिट और 492 रैंप चेक किए। इसके अलावा 84 विदेशी विमानों की भी जांच की गई।
पहले के वर्षों की तुलना में सुधार
हालांकि यह आंकड़ा चिंता बढ़ाने वाला है, लेकिन पिछले वर्षों की तुलना में तकनीकी खामियों में कमी आई है। 2023 में तकनीकी खामियों की संख्या 448 थी, जो 2025 में घटकर 353 हो गई।
सारांश:
इस रिपोर्ट से यह स्पष्ट होता है कि एयर इंडिया और इंडिगो के अधिकांश विमानों में बार-बार आने वाली तकनीकी खामियां हैं। जबकि सभी खामियां सुरक्षा से सीधे जुड़ी नहीं हैं, लेकिन यात्रियों के लिए यह चिंता का विषय है। सरकार ने आश्वस्त किया है कि सभी एयरलाइंस की निगरानी लगातार जारी रहेगी।