Thursday, February 5

अजीत डोभाल बनाम मार्को रुबियो: भारत ने अमेरिका को साफ संदेश दिया, टैरिफ और आलोचना पर रखी सीमा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर लगाए गए 50 फीसदी टैरिफ के बाद भारत-अमेरिका संबंध तनावपूर्ण हो गए थे। हाल ही में अमेरिका ने टैरिफ घटाकर 18 फीसदी किया है, जिससे दोनों देशों के बीच संबंधों में सहजता आई है। इस बदलाव के पीछे भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की अमेरिका यात्रा और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से उनकी महत्वपूर्ण बैठक का अहम रोल रहा।

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पीएम मोदी की चीन-रूस यात्रा के बाद बढ़ा तनाव

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल सितंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तियानजिन में शी जिनपिंग और व्लादिमीर पुतिन के साथ मुलाकात की थी। इस तस्वीर के वायरल होते ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप असहज हो गए थे। इसी स्थिति को सुधारने के लिए पीएम मोदी ने अजीत डोभाल को अमेरिका भेजा, ताकि भारत और अमेरिका के बीच कड़वाहट को कम किया जा सके।

डोभाल ने रुबियो को संदेश दिया

अजीत डोभाल ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से कहा कि भारत ट्रंप और उनके सहयोगियों के दबाव में नहीं आएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत उनके कार्यकाल के खत्म होने तक इंतजार करेगा और चाहते हैं कि अमेरिका भारत की सार्वजनिक आलोचना कम करे। इससे दोनों देशों के रिश्ते फिर से सामान्य स्थिति में आ सकेंगे।

टैरिफ और आर्थिक आहतियों का जिक्र

रिपोर्ट में बताया गया कि भारत ट्रंप द्वारा अगस्त 2025 में लगाए गए 50% टैरिफ और “डेड इकनॉमी” कहने से आहत था। ट्रंप ने यह आरोप लगाया था कि भारत रूस से तेल खरीदकर यूक्रेन युद्ध को वित्त पोषित कर रहा है।

डोभाल की मुलाकात के बाद तनाव में कमी

डोभाल की अमेरिका यात्रा और रुबियो से वार्ता के कुछ समय बाद ही भारत-अमेरिका के बीच तनाव कम होने के संकेत मिलने लगे। 16 सितंबर को ट्रंप ने पीएम मोदी को उनके जन्मदिन पर कॉल कर उनके काम की सराहना की। साल के अंत तक दोनों नेताओं ने टैरिफ कम करने के समझौते की दिशा में कई बार फोन पर बातचीत की।

अमेरिका ने टैरिफ घटाया

अमेरिकी विदेश विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि ट्रंप ने सोमवार को घोषणा की कि भारत के सामान पर टैरिफ घटकर 18% कर दिया गया है। यह दर एशिया के अधिकांश समकक्ष देशों की तुलना में कम है।

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