
रियाद/बोगोटा/नई दिल्ली: रमज़ान का पवित्र महीना जैसे-जैसे करीब आ रहा है, मुसलमान रोज़ा रखने और नमाज़ पढ़ने की तैयारी में जुट गए हैं। हर साल की तरह इस बार भी रमज़ान की शुरुआत नए चांद के दिखने पर निर्भर करेगी, जो अलग-अलग देशों में अलग-अलग हो सकता है।
सऊदी अरब के एमिरेट्स एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी के मुताबिक, इस साल का “विंटर रमज़ान” गुरुवार, 19 फरवरी 2026 को शुरू होने की उम्मीद है। बुधवार, 18 फरवरी की शाम को रमज़ान 1447 AH का चांद दिखेगा। 1447 AH का मतलब हिजरी कैलेंडर में इस्लामिक साल 1447 है।
सोसाइटी के चेयरमैन इब्राहिम अल-जरवान ने बताया कि इस साल रोज़े रखने का समय लगभग 12 घंटे 45 मिनट से शुरू होगा और जैसे-जैसे महीना वसंत की ओर बढ़ेगा, यह धीरे-धीरे बढ़ता जाएगा।
क्यों है तारीखों को लेकर भ्रम:
इंटरनेशनल एस्ट्रोनॉमी सेंटर (IAC) और अमीरात एस्ट्रोनॉमी सोसाइटी के खगोलीय गणनाओं के अनुसार, 17 फरवरी 2026 को नया चांद दोपहर में उत्पन्न होगा, लेकिन अधिकांश जगहों पर सूर्यास्त के बाद दिखाई देने की संभावना कम है। इसलिए 18 फरवरी को शाबान का आखिरी दिन और 19 फरवरी को रोज़े का पहला दिन मनाए जाने की संभावना है। वहीं, दक्षिण एशिया या उत्तरी अफ्रीका में कुछ समुदाय स्थानीय चांद दिखने और मौसम के आधार पर रमज़ान एक दिन पहले भी शुरू कर सकते हैं।
पाकिस्तान में रमज़ान:
पाकिस्तान मौसम विज्ञान विभाग (PMD) के अनुसार, रमज़ान का चांद 18 फरवरी को दिखने की संभावना है, और पहला रोज़ा 19 फरवरी से शुरू होगा। PMD ने बताया कि कराची में 18 फरवरी को चांद लगभग 26 घंटे पुराना होगा, जबकि रोज़ा शुरू करने के लिए कम से कम 19 घंटे पुराना चांद जरूरी होता है।
इस प्रकार, इस साल रमज़ान 19 फरवरी 2026 से अधिकांश देशों में शुरू होने की संभावना है, लेकिन अंतिम तारीख स्थानीय चांद दिखने पर निर्भर रहेगी।