Wednesday, February 4

शहीद अग्निवीर करणसिंह को दी गई अंतिम विदाई, 11 किमी लंबी तिरंगा यात्रा में उमड़ा जनसैलाब

श्रीमाधोपुर (सीकर): राजस्थान के लाल अग्निवीर करणसिंह राठौड़ का पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में शहादत के बाद बुधवार को उनके पैतृक गांव में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। शहीद के सम्मान में 11 किलोमीटर लंबी भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई, जिसमें हजारों लोग शामिल हुए और ‘करणसिंह अमर रहे’, ‘भारत माता की जय’ जैसे नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।

This slideshow requires JavaScript.

शहीद की पार्थिव देह सुबह 8:30 बजे श्रीमाधोपुर थाना पहुंची। यहां से यात्रा शुरू होकर उनके पैतृक गांव कंचनपुर-जोरावरनगर की ‘राठौड़ों की ढाणी’ तक चली। रास्ते में ग्रामीणों ने पुष्प वर्षा कर वीर सपूत को अंतिम नमन किया।

मां से आखिरी बातचीत:
करणसिंह ने शहादत से सिर्फ तीन घंटे पहले अपनी मां मुकेश कंवर से फोन पर बात की थी। उन्होंने हंसते हुए कहा कि वे ड्यूटी से लौट आए हैं और अब खाना खाकर आराम करेंगे। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह उनकी अंतिम बातचीत होगी। दिसंबर 2022 में सेना में भर्ती हुए करणसिंह 17 कॉर्प्स सिलीगुड़ी में तैनात थे। 1 फरवरी की शाम जब सेना के अधिकारी का फोन आया, तो परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई।

देशभक्ति परिवार की विरासत:
करणसिंह का परिवार ‘फौजी परिवार’ के रूप में जाना जाता है। उनके पिता दयाल सिंह 10 साल पहले सेना से रिटायर हुए, जबकि उनके दोनों चाचा अभी भी सेवा में हैं। बड़ी बहन निकिता कंवर सीमा सुरक्षा बल (BSF) में तैनात हैं। अविवाहित करणसिंह ने इस गौरवशाली परंपरा को निभाते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। उनका अंतिम संस्कार कंचनपुर गौशाला के पास सैन्य सम्मान के साथ संपन्न हुआ।

Leave a Reply