
जयपुर। बहरोड़ से पूर्व विधायक बलजीत यादव को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एमएलए लोकल एरिया डेवलपमेंट फंड (MLA LAD Fund) के दुरुपयोग और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई ईडी की जयपुर क्षेत्रीय इकाई द्वारा की गई। पूर्व विधायक पर सरकारी विकास निधि से तीन करोड़ रुपये से अधिक की राशि के गबन और दुरुपयोग का गंभीर आरोप है।
ईडी की इस गिरफ्तारी से प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है।
शाहजहांपुर टोल प्लाजा से हिरासत, रात में हुई गिरफ्तारी
ईडी ने मंगलवार देर रात अलवर जिले में दिल्ली-जयपुर हाईवे पर स्थित शाहजहांपुर टोल प्लाजा के पास एनएचएआई कार्यालय के समीप से बलजीत यादव को हिरासत में लिया। इसके बाद उन्हें जयपुर स्थित ईडी कार्यालय लाया गया, जहां प्रारंभिक पूछताछ के बाद उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।
फिलहाल ईडी की टीम उनसे लगातार पूछताछ कर रही है।
जनवरी 2025 में 10 ठिकानों पर चला था सर्च ऑपरेशन
ईडी सूत्रों के अनुसार, इस मामले में 24 जनवरी 2025 को जयपुर, दौसा और बहरोड़ में कुल 10 ठिकानों पर व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया गया था। इनमें जयपुर में 8, जबकि दौसा और बहरोड़ में एक-एक स्थान पर तलाशी ली गई थी।
तलाशी के दौरान ईडी को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और संदिग्ध रिकॉर्ड मिले थे, जिनके आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई और अंततः गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई।
32 सरकारी स्कूलों के नाम पर 3.72 करोड़ खर्च, घोटाले का आरोप
जांच में सामने आया कि वर्ष 2021-22 में बहरोड़ विधानसभा क्षेत्र के 32 सरकारी स्कूलों के लिए बैडमिंटन और क्रिकेट किट खरीदी गई थीं। आरोप है कि इन खेल किटों की खरीद के नाम पर एमएलए फंड से करीब 3.72 करोड़ रुपये खर्च किए गए, लेकिन इसमें बड़े पैमाने पर अनियमितता और धन का दुरुपयोग किया गया।
ईडी का मानना है कि यह राशि नियमों के विपरीत तरीके से खर्च की गई और इसका लाभ कुछ चुनिंदा लोगों को पहुंचाया गया।
ACB की FIR के बाद ईडी ने शुरू की मनी लॉन्ड्रिंग जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए पहले भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने एफआईआर दर्ज की थी। इसके बाद ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की।
ईडी अब इस मामले में—
धन के लेन-देन
लाभार्थियों की पहचान
ठेकेदारों और सप्लायर नेटवर्क
फर्जी बिलों और दस्तावेजों
की विस्तृत जांच कर रही है।
जांच जारी, और गिरफ्तारियों की संभावना
ईडी सूत्रों का कहना है कि मामले में अभी जांच जारी है और दस्तावेजों की जांच के आधार पर आने वाले दिनों में अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है। ऐसे में आगे और गिरफ्तारियां भी संभव मानी जा रही हैं।