
इंदौर/शिलांग। चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में एक नया ट्विस्ट सामने आया है। मेघालय पुलिस द्वारा दाखिल की गई चार्जशीट में दो आरोपियों को नामजद अभियुक्त नहीं बनाया गया है। पुलिस के अनुसार गहन जांच में इन दोनों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं हो सकी, जिसके चलते उन्हें चार्जशीट से बाहर कर दिया गया।
इस घटनाक्रम के बाद मामले में जमानत पर चल रहे दोनों संदिग्धों को बड़ी राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है।
साक्ष्य छिपाने के संदेह में हुई थी गिरफ्तारी
मेघालय के सोहरा क्षेत्र में राजा रघुवंशी की हत्या से जुड़े साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ और सबूत नष्ट करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए बलबीर अहिरवार और लोकेन्द्र सिंह तोमर को नई चार्जशीट में शामिल नहीं किया गया है। दोनों फिलहाल जमानत पर बाहर हैं।
ईस्ट खासी हिल्स के पुलिस अधीक्षक विवेक सिएम ने बताया कि दोनों की गिरफ्तारी संदेह के आधार पर की गई थी, लेकिन जांच के दौरान उनके खिलाफ कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला।
जांच में भूमिका नहीं मिलने पर नाम हटाया
एसपी विवेक सिएम के अनुसार, अंतिम जांच रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि इन दोनों की हत्या की साजिश या साक्ष्य नष्ट करने में कोई भूमिका नहीं थी। इसी कारण चार्जशीट में उन्हें अभियुक्त के रूप में नामजद नहीं किया गया।
हनीमून के दौरान हुई थी राजा की हत्या
गौरतलब है कि मध्यप्रदेश निवासी कारोबारी राजा रघुवंशी की पिछले वर्ष मई माह में मेघालय के ईस्ट खासी हिल्स जिले के सोहरा इलाके में वेई सावदोंग जलप्रपात के पास एक सुनसान स्थान पर हत्या कर दी गई थी। बाद में दो जून को उनका क्षत-विक्षत शव एक गहरी खाई से बरामद किया गया था।
सोनम कुछ दिन रही थी लापता
हत्या के बाद राजा की पत्नी सोनम रघुवंशी कुछ दिनों तक लापता रही थी, जिससे मामला और रहस्यमय बन गया था। शुरुआत में आशंका जताई गई थी कि वारदात में बाहरी लोगों का हाथ हो सकता है। लेकिन कुछ दिन बाद सोनम उत्तर प्रदेश में मिली, जिसके बाद पूरे घटनाक्रम का खुलासा हुआ।
बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर रची थी हत्या की साजिश
जांच में सामने आया कि सोनम रघुवंशी ने अपने कथित प्रेमी राज कुशवाह के साथ मिलकर पति राजा रघुवंशी की हत्या की साजिश रची और उसे अंजाम दिलवाया। इस मामले में मुख्य आरोपी सोनम सहित अन्य अभियुक्त फिलहाल शिलांग जेल में बंद हैं।
मामले की सुनवाई जारी
फिलहाल पुलिस द्वारा मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है और शेष आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर जांच एजेंसियां साक्ष्यों के आधार पर केस को मजबूत करने में जुटी हुई हैं।