Tuesday, February 3

स्वाति मालीवाल ने संसद में कहा: मरीज को दवा चाहिए, कंपनियां 600% से 1000% तक मुनाफा कमा रही हैं

नई दिल्ली: राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने मंगलवार को संसद में कहा कि कुछ प्राइवेट फार्मा कंपनियां ब्रांडेड दवाओं पर 600% से 1000% तक मुनाफा कमा रही हैं। उन्होंने बताया कि वही दवा जेनरिक रूप में 80-90% सस्ती उपलब्ध हो सकती है, लेकिन ब्रांड के नाम पर आम आदमी से कई गुना कीमत वसूली जा रही है।

This slideshow requires JavaScript.

स्वाति मालीवाल ने कहा, “बीमार व्यक्ति के पास दवा के लिए मोलभाव का विकल्प नहीं होता। इलाज की जरूरत हर किसी को कभी न कभी होती है और इसी मजबूरी का फायदा उठाया जा रहा है। स्वास्थ्य कोई व्यापार नहीं, बल्कि अधिकार है। गरीब और मध्यम वर्ग की कमाई दवा कंपनियों के मोटे मुनाफे में नहीं जानी चाहिए।”

प्राइवेट अस्पतालों में महंगे इलाज का मुद्दा भी उठाया
इससे पहले, स्वाति मालीवाल ने प्राइवेट अस्पतालों में महंगे इलाज का मामला भी संसद में उठाया था। उन्होंने कहा कि अगर मरीज किसी निजी अस्पताल की इमरजेंसी में जाता है, तो उसका काफी पैसा खर्च हो जाता है। उन्होंने सरकारी अस्पतालों में सुविधाओं को बढ़ाने की मांग की।

जेनेरिक दवाओं की जगह महंगी दवाएं दी जाती हैं
स्वाति मालीवाल ने आरोप लगाया कि निजी अस्पताल अक्सर पहले यह पूछते हैं कि मरीज का ‘मेडिक्लेम’ है या नहीं। जब मेडिक्लेम की जानकारी मिलती है, तो अस्पताल मनमानी शुरू कर देते हैं। उन्होंने कहा कि जरूरी डायग्नोस्टिक टेस्ट बढ़ा-चढ़ा कर लिखे जाते हैं और जेनेरिक दवाओं की जगह महंगी दवाएं दी जाती हैं, जिससे मरीज को अतिरिक्त खर्च करना पड़ता है।

बीमा कंपनियां दावा खारिज कर देती हैं
सांसद ने कहा कि ‘क्लीनिकल स्टेब्लिशमेंट एक्ट’ को केवल 12 राज्यों ने ही लागू किया है, जबकि दिल्ली सरकार ने इसे लागू नहीं किया है। उन्होंने मेडिकल बीमा का प्रीमियम अधिक होने और बीमा कंपनियों द्वारा छोटी-छोटी बातों पर दावा खारिज किए जाने की समस्या को भी उजागर किया। उन्होंने कहा कि सरकार को आम लोगों की इन समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी अस्पतालों में सुविधाएं बढ़ाने पर जोर देना चाहिए।

Leave a Reply