Tuesday, February 3

अजित पवार और शरद पवार की एनसीपी का विलय अधर में, सुनील तटकरे का स्पष्ट बयान

मुंबई: अजित पवार की एनसीपी और शरद पवार की एनसीपी (एसपी) के विलय की चर्चाएँ फिलहाल अधर में लटक गई हैं। एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने साफ किया है कि उनकी पार्टी एनडीए का हिस्सा है और विलय की कोई चर्चा अभी नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि विलय की बात करने वालों को पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि वे स्वयं इसके पक्ष में हैं या नहीं।

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वहीं शरद पवार गुट ने पार्टी नेताओं को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे विलय संबंधी किसी भी बयान से बचें और उच्च नेताओं से विचार-विमर्श के बाद ही कोई टिप्पणी दें।

गौरतलब है कि अजित पवार के निधन के बाद शरद पवार गुट की ओर से दोनों एनसीपी के विलय की खबरें जोर-शोर से सामने आई थीं। कहा गया कि विलय पिछले चार महीनों से चल रहा था और 12 फरवरी को इसका ऐलान किया जाना था। शरद पवार गुट ने इस संबंध में एक बैठक का वीडियो भी जारी किया।

हालांकि, अजित पवार की एनसीपी ने इसे पूरी तरह खारिज कर दिया। सुनील तटकरे ने कहा, “ऐसा कुछ नहीं था। अगर होता तो दादा (अजित पवार) खुद बताते।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एनडीए में शामिल होने का निर्णय अजित पवार के नेतृत्व में सामूहिक रूप से लिया गया था और विधानसभा चुनाव में जनता ने इस निर्णय का समर्थन किया।

वरिष्ठ नेता और मंत्री छगन भुजबल ने कहा कि कई लोग एनसीपी के विलय की इच्छा रखते हैं, लेकिन इस बारे में कोई ठोस चर्चा नहीं हुई है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि बीजेपी के साथ गठबंधन में रहते हुए ऐसे किसी कदम से पहले सहयोगी दल का रुख जानना जरूरी है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी कहा कि अजित पवार ने कभी शरद पवार गुट में विलय की बात का जिक्र नहीं किया।

सुनील तटकरे ने कराड में पत्रकारों से कहा कि इस मुद्दे पर उनकी या सांसद प्रफुल्ल पटेल की कोई अलग राय नहीं है। एनसीपी विधायक दल के नए नेता की नियुक्ति जैसे फैसले पार्टी पूरी तरह सक्षम रूप से ले सकती है।

शरद पवार ने भी कहा कि जो लोग बैठक में मौजूद नहीं थे, उन्हें विलय की जानकारी कैसे हो सकती है। बैठक में अजित पवार, सुप्रिया सुले, जयंत पाटील और रोहित पवार शामिल थे। कुल मिलाकर, जहां शरद पवार गुट विलय का दावा कर रहा है, वहीं अजित पवार गुट इसे पूरी तरह खारिज कर रहा है।

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