
नई दिल्ली: पाकिस्तान सरकार ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में अपनी टीम को भारत के खिलाफ खेलने से रोक दिया है। बाकी सभी मैच तय शेड्यूल के अनुसार खेले जाएंगे। इस कदम से भारत-पाक मैच से करीब 250 मिलियन डॉलर के रेवेन्यू पर असर पड़ने की संभावना है। ICC ने इस फैसले की आलोचना की है, लेकिन अब तक कोई आधिकारिक कार्रवाई नहीं की गई। PCB ने भी ICC को लिखित सूचना नहीं भेजी है।
विशेषज्ञों और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस तरह के ‘सलेक्टिव बॉयकॉट’ पर ICC के नियमों के अनुसार कुछ संभावित असर हो सकता है। आइए जानते हैं 5 अहम पॉइंट्स:
1. मैच में नहीं खेलना ICC एग्रीमेंट का उल्लंघन:
ICC के टूर्नामेंट पार्टिसिपेशन एग्रीमेंट के अनुसार हर टीम को टूर्नामेंट में शामिल होने और सभी मैच खेलने की कानूनी बाध्यता होती है। पाकिस्तान ने भी यह एग्रीमेंट साइन किया है। किसी मैच में हिस्सा न लेना नियमों का उल्लंघन माना जाएगा और ICC कानूनी कार्रवाई कर सकती है।
2. दूसरी टीम को वॉकओवर का नियम:
ICC प्लेइंग कंडीशंस के अनुसार, यदि कोई टीम मैच नहीं खेलती तो उसे हारा हुआ माना जाएगा और विरोधी टीम को पूरे अंक मिलेंगे। उदाहरण के लिए, अगर भारत के कप्तान सूर्यकुमार यादव टॉस के लिए पिच पर पहुंचेंगे और पाकिस्तान की टीम नहीं उतरेगी, तो भारत को पूरे 2 अंक मिलेंगे।
3. नेट रनरेट पर असर:
क्लॉज 16.10.7 के तहत, मैदान में नहीं उतरने वाली टीम के खाते में पूरे 20 ओवर गिने जाएंगे और स्कोर 0 माना जाएगा। इससे पाकिस्तान के नेट रनरेट पर बुरा असर पड़ेगा और सुपर-8 में क्वालीफाई करने की संभावना मुश्किल हो सकती है।
4. फाइनेंशियल और कॉमर्शियल जुर्माना:
ICC नियमों के तहत मैच न होने पर ब्रॉडकास्टर अपने नुकसान का मुआवजा ICC से मांग सकता है, जिसे PCB को भरना पड़ सकता है। भारत-पाक मैच से ब्रॉडकास्टर को 25-30 मिलियन डॉलर की एड रेवेन्यू मिलने की संभावना थी। इसके अलावा, PCB को ICC के सालाना रेवेन्यू शेयर से भी कटौती का सामना करना पड़ सकता है।
5. ICC संविधान के तहत कार्रवाई संभव:
ICC के अनुच्छेद 2.4D के तहत हर मेंबर बोर्ड को राजनीतिक हस्तक्षेप से स्वतंत्र होना आवश्यक है। पाकिस्तान सरकार की घोषणा को राजनीतिक हस्तक्षेप माना गया तो PCB पर बैन लग सकता है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि भारत के पिछले व्यवहार के आधार पर यह मामला जटिल हो सकता है।
इस बीच, PCB का कहना है कि बाकी ग्रुप मैच खेले जाएंगे और टीम सुपर-8 में क्वालीफाई करने की कोशिश करेगी। ICC और ब्रॉडकास्टर के साथ कानूनी चर्चाओं के लिए टीम के साथ वकील भी भेजा जा रहा है।