
बांसवाड़ा के बावलिया पाड़ा स्थित सरकारी स्कूल में सोमवार को एक गंभीर हादसा हुआ, जिसमें तीसरी कक्षा के 9 वर्षीय छात्र राधेश्याम (पुत्र देवीसिंह) की आंखों में खेलते समय फेवीक्विक चला गया।
सूचना के अनुसार, अचानक जलन महसूस होने पर बच्चा अपनी आंखों को मसलने लगा, जिससे फेवीक्विक पलकों पर फैल गया और कुछ ही मिनटों में दोनों पलकें आपस में चिपक गईं। दर्द और परेशानी बढ़ने पर स्कूल स्टाफ ने तुरंत परिजनों को सूचना दी। पिता देवीसिंह ने राधेश्याम को कुशलगढ़ अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक जांच के बाद डॉक्टरों ने मामला गंभीर बताते हुए उसे महात्मा गांधी अस्पताल, बांसवाड़ा रेफर किया।
महात्मा गांधी अस्पताल के चिकित्सक डॉ. केरवी मेहता ने बताया कि फेवीक्विक में मौजूद रासायनिक तत्व अत्यंत खतरनाक होते हैं और बच्चे की पलकें मजबूती से चिपक चुकी थीं। चूंकि नेत्र शल्य चिकित्सा की सुविधा यहाँ उपलब्ध नहीं है, इसलिए बच्चे को बेहतर इलाज के लिए उदयपुर रेफर कर दिया गया।
परिजन फिलहाल चिंतित हैं और डॉक्टरों से यही सवाल कर रहे हैं कि कब बच्ची की पलकें खुलेंगी और आंखों को कोई स्थायी नुकसान तो नहीं होगा। डॉ. मेहता ने कहा कि आंखों से संबंधित मामले संवेदनशील होते हैं, इसलिए किसी भी तरह की देरी जोखिम भरी हो सकती है।