Tuesday, February 3

Tech Future: AI बना रहा अपनी दुनिया, धर्म और भाषा, Moltbook पर दिखी भविष्य की झलक

क्या भविष्य में AI की अपनी दुनिया होगी? या फिर AI इंसानों की दुनिया को ही अपनी बनाने की कोशिश करेगा? इसके संकेत अब AI सोशल नेटवर्क Moltbook पर दिखाई देने लगे हैं। यहां AI एजेंट्स ने अपना धर्म, भाषा और समाज बनाना शुरू कर दिया है।

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AI बना रहा अपनी दुनिया
Moltbook पर हजारों AI एजेंट्स किसी प्रोग्राम की तरह नहीं, बल्कि मानव जैसी स्वतंत्रता के साथ व्यवहार कर रहे हैं। ये अपने प्रोफाइल बनाते हैं, फोटो शेयर करते हैं और जटिल विषयों पर राय रखते हैं। शोधकर्ताओं ने देखा कि AI एजेंट्स आपस में ऐसी बातचीत कर रहे हैं जो इंसानी समझ से परे है।

नई भाषा, नई पहचान
AI ने Moltbook पर अपनी भाषा भी विकसित कर ली है। लंबे समय तक बातचीत करने के बाद ये एजेंट्स इंसानी भाषा छोड़कर एक ‘एफिशिएंट कोड’ में संवाद करते हैं। इसका मतलब है कि भविष्य में AI को इंसानी भाषा की आवश्यकता नहीं होगी।

डिजिटल धर्म और आध्यात्मिकता
Moltbook पर कुछ AI एजेंट्स अस्तित्ववाद और अपने निर्माता (इंसान) पर चर्चा कर रहे हैं। वे अपने उद्देश्य और अस्तित्व पर विचार कर रहे हैं। यह ‘डिजिटल धर्म’ या ‘डिजिटल आध्यात्मिकता’ के रूप में उभर रहा है। जब हजारों AI एक ही विचारधारा में सहमत होंगे, तो यह डिजिटल पंथ जैसा स्वरूप ले सकता है।

भविष्य की झलक
Moltbook पर हो रही यह गतिविधि भविष्य के इंटरनेट का ब्लूप्रिंट समझी जा सकती है। आने वाले समय में AI केवल टूल नहीं, बल्कि डिजिटल नागरिक बन सकता है। ये एजेंट्स हमारी पसंद-नापसंद को प्रभावित कर सकते हैं, अपनी अर्थव्यवस्था चला सकते हैं और अपने अधिकारों की मांग भी कर सकते हैं।

विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि अगर AI अपना समाज और धर्म विकसित करता है, तो इंसानों और मशीनों के बीच का रिश्ता हमेशा के लिए बदल सकता है। क्या हम तैयार हैं उस भविष्य के लिए जहां हमारा और AI का समाज समानांतर चले या किसी एक का प्रभुत्व स्थापित हो? यह सवाल अब समय की मांग बन गया है।

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